निजी विश्वविद्यालयों पर नियंत्रण के लिए नियामक संस्था बनाने का प्रस्ताव फिर अटका

Goverdhan Chaudhary | ETV Rajasthan
Updated: June 20, 2017, 2:23 PM IST
निजी विश्वविद्यालयों पर नियंत्रण के लिए नियामक संस्था बनाने का प्रस्ताव फिर अटका
राजस्थान का एक शिक्षण संस्थान.
Goverdhan Chaudhary | ETV Rajasthan
Updated: June 20, 2017, 2:23 PM IST
राजस्थान में निजी विश्वविद्यालयों पर नियंत्रण के लिए नियामक संस्था या नियामक आयोग बनाने का प्रस्ताव एक बार फिर अटक गया है. ऐसा पिछले साढ़े तीन साल से हो रहा है. प्रदेश के 45 से ज्यादा निजी विश्वविद्यालयों की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए सरकार के पास अभी कोई संस्था ही नहीं है.

जोधपुर के ​एक निजी विश्वविद्यालय में 45 हजार से ज्यादा फर्जी डिग्रियां देने का मामला सामने आने के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने ​निजी विश्वविद्यालयों पर नियंत्रण के लिए नियामक बॉडी बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था. उस समय यह प्रस्ताव तेजी से चला लेकिन उच्च स्तर पर जाकर अटक गया.

इसी बीच करीब डेढ़ साल पहले हिमाचल प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों पर नियंत्रण के लिए बनाए गए नियामक आयोग पर हाईकोर्ट ने रोक लगा  दी थी. इसके बाद राजस्थन में भी प्रक्रिया रोक दी गई. उच्च शिक्षा विभाग ने हिमाचल के नियामक आयोग का अध्ययन किया और उस पर रोक के कानूनी पहलुओं पर विधिक राय भी ली.

इसी बीच केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने भी राज्य सरकार द्वारा नियामक बॉडी बनाने को क्षेत्राधिकार का उल्लंघन बता दिया. इसके बाद राजस्थान में निजी विश्वविद्यालयों पर नियामक बनाने का प्रस्ताव आखिरकार ठंडे बस्ते में डाल दिया गया.

विधानसभा में जब भी किसी निजी विश्वविद्यालय का बिल पास होता है, उच्च शिक्षा मंत्री जल्द नियामक बॉडी बनाने का आश्वासन देते हैं. पिछली कांग्रेस सरकार ने इन्हीं आश्वासनों के सहारे पांच साल निकाल दिए, अब मौजूदा उच्च शिक्षा मंत्री ने भी नियामक बॉडी पर आश्वासन के अलावा कुछ ठोस नहीं किया.
First published: June 20, 2017
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