राजस्थान पुलिस ने कनाड़ा से खरीदा बम डिस्पोजल रोबोट, हर मौसम में बम डिफ्यूज करने में है सक्षम

Rakesh Gusai | ETV Rajasthan
Updated: June 19, 2017, 10:02 PM IST
राजस्थान पुलिस ने कनाड़ा से खरीदा बम डिस्पोजल रोबोट, हर मौसम में बम डिफ्यूज करने में है सक्षम
राजस्थान पुलिस ने कनाड़ा से खरीदा बम डिस्पोजल रोबोट.
Rakesh Gusai | ETV Rajasthan
Updated: June 19, 2017, 10:02 PM IST
राजस्थान पुलिस ने पिछले दिनों कनाडा से 75 लाख रुपए में एक अत्याधुनिक रोबोट खरीदा है. रिमोट संचालित यह रोबोट 500 मीटर दूरी तक जाकर बम नाकाम कर सकता है. कुछ साल पहले अमेरिकी शहर न्यूयॉर्क के टाइम स्क्वेयर में रोबोट ने यह काम कर कई लोगों की जान बचाई थी. इसी उद्देश्य से राजस्थान पुलिस ने रोबोट को अपने बेडे़ में शामिल किया है. बम डिस्पोजल करने वाले इस रोबोट का नाम "एमआरओवी" है. यह लगभग 65 किलो वजन को आसानी से उठा लेता है. रोबोट की मुख्य खासियत इसमें लगे चार कैमरे हैं. ये चारों दिशाओं की गतिविधियों को कैद कर सकता है और हर मौसम में बम डिफ्यूज करने में सक्षम है.

ऐसे काम करता है रोबोट
एमआरओवी में वायरलेस के जरिए रेडियो फ्रिक्वेंसी तकनीक पर आधारित डाटा ट्रांसफर किए जाते हैं. इससे संदेश पाकर वह बम तक पहुंचने और उसे उठाकर बम निरोधक बाल्टी में डालकर उसे डिफ्यूज करने का काम करता है. बाल्टी की खासियत यह होती है कि उसमें अगर बम फट भी जाए, तो भी बम के छर्रे सिर्फ उपर की ओर फैलते हैं. एक व्यक्ति रोबोट को मॉनिटर से संचालित करने के साथ-साथ उसे लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद करता है. एक अन्य व्यक्ति कैमरे की मदद से उसके काम पर नजर रखता है.

बताया जा रहा है कि आरपीए के एक विशेष परिसर में बम निरोधक दस्ते को रखा गया है. दस्ता इंटेलिजेंस के अंडर में रहता है. एडीजी इंटेलिजेंस यूआर साहू कई समय से रोबोट और बम निरोधक दस्ते को और मजबूत बनाने में लगे हुए हैं. समय-समय पर होने वाली मॉकड्रिल और बम की सूचनाओं पर रोबोट को भेजा जाता है. हाल ही में जयपुर के डब्ल्यूटीपी पर हुई मॉक ड्रिल में रोबोट की मौजदूगी देखने को मिली थी.
First published: June 19, 2017
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