राजनाथ की नौकरशाहों को सलाह, नेताओं की 'जी हुजूरी' बंद करें

आईएएनएस
Updated: April 20, 2017, 11:55 PM IST
राजनाथ की नौकरशाहों को सलाह, नेताओं की 'जी हुजूरी' बंद करें
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने नौकरशाहों से किसी नेता के 'गलत आदेश' न मानने और किसी कि 'जी हुजूरी' न करने की सलाह दी.
आईएएनएस
Updated: April 20, 2017, 11:55 PM IST
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को नौकरशाहों से किसी नेता के 'गलत आदेश' न मानने और किसी कि 'जी हुजूरी' न करने की सलाह दी.

11वें लोक सेवा दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में राजनाथ सिंह ने अधिकारियों को देश हित में फैसला लेने और अपनी अंतरात्मा के साथ विश्वासघात ना करने की सलाह दी.

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उन्होंने कहा, 'लोक सेवकों के पास शक्तियां हैं. उन्हें फैसले देश हित और जन हित को ध्यान में रखकर लेने चाहिए. अगर कोई राजनीतिक प्रतिनिधि गलत आदेश दे रहा है तो उन्हें कानून का रास्ता दिखाने में डरें नहीं. उन्हें बताएं कि वे कानूनी रूप से गलत हैं और फाइल पर हस्ताक्षर न करें.'

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उन्होंने फैसले लेने से बचने वाले अधिकारियों से कहा कि वो अपनी हिचकिचाहट से देशहित को नुकसान पहुंचा सकता है.

राजनाथ सिंह ने कहा, 'जरूरत पड़े तो अपने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करें और उनसे राय मशविरा करें, लेकिन फैसला लेने में किसी तरह की हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए.'

राजनाथ सिंह ने लोक सेवा अधिकारियों को सरदार वल्लभभाई पटेल के 21 अप्रैल 1928 में दिए मार्गदर्शक सिद्धांतों का पालन करने के लिए कहा.

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उन्होंने कहा, 'सरदार पटेल ने कहा था कि अगर लोक सेवकों को भारत का इस्पात का ढांचा कहा जाए तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी. सरदार पटेल ने 1948 में लोक सेवकों के लिए दिया गया मार्गदर्शक सिद्धांत आज के दौर में भी उतना ही महत्वपूर्ण है. आजादी के 70 वर्षो के बाद भी हमारे देश का यह इस्पात का ढांचा कमज़ोर नहीं हुआ है.'
First published: April 20, 2017
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