राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद बातचीत से सुलझाएं: सुप्रीम कोर्ट

News18Hindi
Updated: March 21, 2017, 9:35 PM IST
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Updated: March 21, 2017, 9:35 PM IST
राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता की पेशकश की है. चीफ जस्टिस जे एस खेहर ने कहा है कि अगर दोनों पक्ष राजी हों तो वो कोर्ट के बाहर मध्यस्थता करने को तैयार हैं. चीफ जस्टिस खेहर ने कहा है कि ये मामला धर्म और आस्था से जुड़ा है और ये बेहतर होगा कि इसको दोनों पक्ष आपसी बातचीत से सुलझाएं.

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इस मामले के याचिकाकर्ता सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या विवाद पर तत्काल सुनवाई की मांग की थी, जिस पर कोर्ट ने कहा है कि सर्वसम्मति पर पहुंचने के लिए सभी संबंधित पक्ष साथ बैठें.

सुप्रीम कोर्ट ने स्वामी से संबंधित पक्षों से सलाह करने और इस संदर्भ में लिए गए फैसले के बारे में कोर्ट को 31 मार्च को सूचित करने को कहा है.





बहुत कम मौके पर ऐसा होता है कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने किसी मसले पर मध्यस्थता की पेशकश की हो. चीफ जस्टिस जे एस खेहर ने कहा कि यदि संबंधित पक्ष उनकी मध्यस्थता चाहते हैं तो वह इस काम के लिए तैयार हैं.



सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी पक्षों को इस मुद्दे को सुलझाने के नए प्रयास करने के लिए मध्यस्थ चुनने चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जरूरत पड़ने पर मामले के निपटान के लिए कोर्ट द्वारा प्रधान मध्यस्थ चुना जा सकता है.

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आपको बता दें कि कोर्ट ने ये आदेश नहीं दिया है बल्कि प्रस्ताव रखा है. वहीं इस मसले पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा है मध्यस्थ भी सुप्रीम कोर्ट ही तय करेगा.
First published: March 21, 2017
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