डिजिटल इंडिया के दौर में ऑनलाइन शिक्षा की ओर बढ़ते कदम


Updated: July 16, 2017, 5:21 PM IST
डिजिटल इंडिया के दौर में ऑनलाइन शिक्षा की ओर बढ़ते कदम
देश में ऑनलाइन शिक्षा बाज़ार 52% सालाना की दर से तेज़ी से विस्तार कर रहा है.

Updated: July 16, 2017, 5:21 PM IST
भारत में कई स्तरीय शिक्षा व्यवस्था है. उच्च शिक्षा सर्वे के मुताबिक देश में 15 लाख स्कूल और 39 हजार कॉलेज हैं. इनमें 26 करोड़ बच्चे स्कूलों में और 2.75 करोड़ छात्र अंडर ग्रेजुएट शिक्षा हासिल कर रहे हैं. देश में पढ़ने वाले पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों की बात करें तो ये आकंड़ा 40 लाख है. इतनी बड़ी शिक्षा व्यवस्था के बीच देश में तेज़ी से ऑनलाइन शिक्षा की ओर कदम बढ़ रहे हैं.



गूगल और KPMG की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक देश में ऑनलाइन शिक्षा बाज़ार 52% सालाना की दर से तेज़ी से विस्तार कर रहा है. साल 2016 में देश में ऑनलाइन शिक्षा बाज़ार की वैल्यू 25 करोड़ डॉलर है. उम्मीद जताई जा रही है कि भारत में 2021 तक ऑनलाइन शिक्षा का बाज़ार 196 करोड़ डॉलर का होगा.

प्राइमरी-सेकेंडरी के सबसे ज़्यादा यूजर्स

भारत में कुल ऑनलाइन बाज़ार में पहले नंबर पर सबसे ज़्यादा ऑनलाइन पढ़ने वालों में रि-स्किलिंग और ऑनलाइन सर्टिफिकेट्स के यूजर्स हैं. इनकी संख्या 4.99 लाख है और इनका बाज़ार 9.3 करोड़ डॉलर से ज़्यादा का है.



इसके बाद दूसरे नंबर पर प्राइमरी और सेकेंडरी सप्लीमेंट एजुकेशन पढ़ने वाले हैं. इनकी तादाद 4.67 हज़ार से ज़्यादा है और 7.3 करोड़ डॉलर का ऑनलाइन बाज़ार है.

ऑनलाइन पढ़ाई पर खर्चा कम
देश में छात्रों को पढ़ने के लिए काफी पैसा खर्च करना पड़ता है. सरकारी कॉलेज में इंजीनियरिंग की पढ़ाई जहां छात्र 5 से 6 लाख रुपए में करते हैं, वहीं प्राइवेट कॉलेजों में ये फीस 8 से 10 लाख रुपए है.



KPMG रिसर्च और एनालिसिस के मुताबिक अंडर ग्रेजुएट ऑनलाइन पढ़ाई के लिए यूजर्स के लिए औसत ट्रांजेक्शन वैल्यू 15 हज़ार से 20 हज़ार होती है.
First published: July 16, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर