जानिए केंद्र सरकार क्‍यों मनाने जा रही MODI फेस्टिवल...

अमिताभ सिन्हा | News18India.com
Updated: May 18, 2017, 12:18 PM IST
जानिए केंद्र सरकार क्‍यों मनाने जा रही MODI फेस्टिवल...
Photo: PTI
अमिताभ सिन्हा | News18India.com
Updated: May 18, 2017, 12:18 PM IST
मोदी सरकार तीन साल पूरे होने पर जश्न की तैयारी में लगी हुई है. सबको लग रहा है कि नोटबंदी से लेकर तमाम कड़े फैसलों के बावजूद जब जनता उनका साथ दे रही है तो घर-घर तक अपनी कामयाबी की लिस्ट पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़नी चाहिए. खुद प्रधानमंत्री मोदी ने इस पूरी कवायद में विशेष रुचि ली है.

तमाम मंत्रालयों से एक लिस्ट ली गई है जिसमें उनके तमाम कार्यक्रमों के साथ-साथ इस बात का भी जिक्र है कि उन कार्यक्रमों में कितनी सफलता हाथ लगी. मई 26 से शुरु होगा MODI फेस्टिवल यानि मेकिंग ऑफ डेवलपिंग इंडिया. इसी दिन एक बुकलेट जारी की जाएगी.

सरकारी प्रचार और 3 साल की सफलताओं का बखान करने वाली बुकलेट का थीम होगा पीएम मोदी का काम और उनका कुशल नेतृत्व. पूरी ताकत झोंकी जाएगी इसके प्रचार और प्रसार में. हम बताते हैं कि क्या छिपा है इस बुकलेट में.

देशहित में निडर-निर्णायक कदम

पहला चैप्टर ही पीएम मोदी के नाम होगा जिसमें देशहित में निडर और निर्णायक कदम उठाने वाला बताया गया है. इसमें काले धन के खिलाफ जंग, नोटबंदी, जीएसटी, सर्जिकल स्ट्राईक, रेलवे और जनरल बजट को एक करना, वित्तिय वर्ष को जनवरी से दिसंबर करना जैसे कई फैसले शामिल हैं. जोर सबका साथ सबका विकास पर भी होगा.

पीएम मोदी की भ्रष्टाचार मुक्त सरकार और सुशासन

इस पुस्तिका में जिक्र होगा भ्रष्टाचार मुक्त मोदी के सुशासन का. डंका इस बात का पीटा जाएगा कि 2004 से 2014 के विपरित मोदी सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लग पाया है. डीबीटी यानि डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर से बिचौलियों का सफाया भी हो गया है. पीएम खुद प्रगति के माध्यम से तमाम जिला कलेक्टरों से सीधा संवाद कायम करते हैं. साथ ही लाल बत्ती की वीआईपी संस्कृति का अंत भी करने में पीएम मोदी पीछे नहीं रहे.

आर्थिक प्रगति और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर जोर

जीडीपी बढ़ी और विकास 7 फीसदी रही. गरीबों के लिए चल रही कल्याणकारी योजनाओं के लिए पैसे मे कोई कमी नहीं आई. वित्‍तीय घाटा काबू में रहा और मंहगाई दर 2014 के 11 फीसदी की तुलना में खासी कम यानि 4 फीसदी तक रही. सरकारी खजानों में टैक्स भी पहले के मुकाबले खासा ज्यादा जमा हुआ.

hree year of Narendra Modi government

गांव, गरीब, किसान, मजदूर

सफल गांव, सबल गरीब, समर्थ किसान. पूरा जोर इस बात पर होगा कि सरकार गरीबों और पिछड़ों के हित के लिए समर्पित है. इसलिए पूरे आंकडे़ यही साबित करने में लगेंगे कि जो गरीब और किसान बैंकों से नहीं जुड़ा था उनके खाते खुलवा कर सरकार ने उन्हें बैंकों से जोड़ा है. जिन्हे लोन नहीं मिलता था उन्हें सस्ते लोन की योजनाओं से जोड़ा गया है. साथ ही जो बीमा क्षेत्र से अलग थे उन्हें बीमा से जोड़ा गया. यानि तीन साल में गरीबों को भी मुख्यधारा से जोड़कर उनके जीवन को सुरक्षित करने की योजनाओं को सफल बनाने की कोशिश की गई.

सशक्त नारी सशक्त समाज

तीन साल में सरकार महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान देती रही. पीएम मोदी के नारे बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ के नारे को तमाम राज्य सरकारों ने भी अपनाया. अब हरियाणा जो महिलाओं की कम संख्या में पूरे देश में सबसे पीछे था, वहां भी महिला-पुरुष अनुपात में बढोत्तरी हुई है. उज्जवला गैस योजना में गांव की महिलाओं को खासा फायदा पहुंचा है. क्योंकि लकड़ी के चुल्हे जलाकर काम करने वाली गृहिणी को धुएं से काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था. मैटरनिटी लीव भी 12 सप्ताह से बढ़ा कर 26 सप्ताह कर दी गई. गर्भवती महिलाओं को 6000 रूपये देने की योजना शुरु की गई तो स्टैंडअप इंडिया के तहत अनुसूचित जाति और जनजाति के साथ साथ साथ महिलाओं को भी 10 लाख से एक करोड़ रुपये तक के लोन देने का प्रावधान किया है.

युवाओं को उड़ने के लिए खुला आसमान

मोदी सरकार ने युवाओं का खास ध्यान रखा है. पीएम कौशल विकास योजना ते तहत युवाओं को ट्रेनिंग की सुविधा देने की सुविधा शुरु की ताकि वो नौकरी के लिए सक्षम हो सकें. मुद्रा योजना के तहत कम ब्याज दरों पर लोन की सुविधा भी युवाओं को दी गई. ताकि वो अपना व्यवसाय शुरु कर सकें. सरकार का ये भी दावा है कि इसके तहत 7.45 करोड़ लोगों को बिना गारंटी दिए 4 लाख करोड का लोन मिल चुका है. साथ ही अक्टूबर में देश में ही होने वाले अंडर-17 फीफा वर्ल्ड कप पर भी अपनी पीठ थपथपायी जाएगी.

सजग, सचेत, संवेदनशील सरकार

दिव्यांगों को नई ताकत देने वाले डिसएबिलिटी एक्ट-2016 को पास किया, जिसमें विकलांगता मापने के 7 मापकों को बढ़ाकर 21 कर दिया गया. साथ ही दिव्यांगों के लिए सुगम्य भारत यानि एक्सेसिबल इंडिया कैंपेन भी शुरु किया गया. जम्मू के युवाओं मे उत्साह भरने के लिए विशेष छात्रवृत्ति योजना की शुरुआत हुई ताकि जम्मू के युवा उच्च शिक्षा के लिए राज्य से बाहर निकल सकें. संविधान निर्माता बाबा साहब आंबेडकर से जुडे 5 स्थानों को 5 तीर्थ बनाने की शुरुआत हुई.

जन भागीदारी से जनकल्याण

उथल पुथल तब शुरु हुई जब पीएम ने लोगों से give it up कैंपेन के तहत अपना एलपीजी सीलेंडर सब्सिडी छोड़ने की अपील कर डाली. लोग खुल कर सामने आए और अब तक लगभग सवा करोड लोग सब्सिडी छोड़ चुके हैं. गरीब महिलाओं को मुफ्त कनेक्शन दे पाना संभव हो पाया है. जन भागीदारी का दूसरा उदाहरण है स्वच्छ भारत अभियान. हर समाज, हर तहके और हर उम्र के लोग इससे जुड़े. अब तक लगभग 4 करोड टॉयलेट बन चुके हैं. और डेढ़ लाख से ज्यादा गांव खुला शौच मुक्त घोषित किए जा चुके हैं. जनभागीदारी का तीसरा उदाहरण देखने को मिला नोटबंदी और डिजिटल पेमेंट के लिए. ये साबित करने के लिए काफी था कि मोदी सरकार ने जनभागीदारी और जनआंदोलन की राह पकड़ जन कल्याण योजनाएं कैसे सफल बनाई. पीएम मोदी ने मन की बात प्लेटफार्म से लोगों से सीधा तार जोड़ा.

विश्वपटल  पर सुदृढ़ होता भारत

नया भारत नई पहचान. तीन साल में पीएम मोदी ने दुनिया भर के देशों में देश की छवि निखारने का काम किया है. डब्‍ल्‍यूईएफ ग्‍लोबल कंपिटेटिव इंडेक्‍स में 39वें से 16 स्थानों की छलांग लगाई. ग्‍लोबल ट्रैवेल एंड टूरिज्‍म कंपिटेटिवनेस में 12 स्थानों की छलांग लगाकर 40वें स्थान पर पहुंचे. एफडीआई कांफीडेंस इंडेक्‍स में 8वें स्थान पर पहुंचे. साथ ही मेक इन इंडिया की मुहिम ने दुनिया भर में देश का मान बढाया.

देश के विकास की दीर्घकालीन योजनाएं

देश की सुरक्षा मोदी सरकार की पहली प्राथमिकता है. मुंबई से अहमदाबाद तक चलने वाली पहली बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम शुरु हो चुका है और ये आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल होगा. देश भर के जलमार्गों को जोडने वाली सागरमाला योजना भी एक मिसाल साबित होगी. स्‍मार्ट सिटी योजना, गांवों में ब्रॉडबैंड कनेक्‍टिविटी, सरकारी ई मार्केट, डिजीधन मेला आदि कार्यक्रमों ने गांवों को देश की मुख्य धारा से जोड़ा है.
First published: May 18, 2017
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