सितारों के पार सुनीता

Updated: March 5, 2015, 7:07 PM IST
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एक बार फिर से इतिहास रचने के लिए भारत की बेटी ने अंतरिक्ष की उड़ान भर ली है। आठ बजकर 10 मिनट पर सुनीता के विमान ने अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी है।
एक बार फिर से इतिहास रचने के लिए भारत की बेटी ने अंतरिक्ष की उड़ान भर ली है। आठ बजकर 10 मिनट पर सुनीता के विमान ने अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी है।
कजाकिस्तान के बाइकनूर स्पेस सेंटर से ये उड़ान भरी गई है। इस यात्रा में सुनीता के साथ दो और अंतरिक्ष यात्री भी मौजूद हैं। कुछ ही देर में सुनीता अंतरिक्ष में पहुंच जाएंगी।
कजाकिस्तान के बाइकनूर स्पेस सेंटर से ये उड़ान भरी गई है। इस यात्रा में सुनीता के साथ दो और अंतरिक्ष यात्री भी मौजूद हैं। कुछ ही देर में सुनीता अंतरिक्ष में पहुंच जाएंगी।
उड़ान भरने के बाद स्पेस क्राफ्ट के अंदर से सुनीता विलयम्स ने स्पेस सेंटर और दुनिया भर के लोगों को बधाई दी है। ये टीम करीब 5 महीने तक स्पेस सेंटर में रहेगी और कई रिसर्च को अंजाम देगी।
उड़ान भरने के बाद स्पेस क्राफ्ट के अंदर से सुनीता विलयम्स ने स्पेस सेंटर और दुनिया भर के लोगों को बधाई दी है। ये टीम करीब 5 महीने तक स्पेस सेंटर में रहेगी और कई रिसर्च को अंजाम देगी।
ये दूसरा मौका है जब सुनीता अंतरिक्ष यात्रा पर गई हैं। इससे पहले 2006 में भी वो अंतरिक्ष में जा चुकी हैं। सुनीता समेत कुल तीन लोगों की टीम नासा के इस मिशन पर रवाना हुई हैं।
ये दूसरा मौका है जब सुनीता अंतरिक्ष यात्रा पर गई हैं। इससे पहले 2006 में भी वो अंतरिक्ष में जा चुकी हैं। सुनीता समेत कुल तीन लोगों की टीम नासा के इस मिशन पर रवाना हुई हैं।
इनमें रूसी अंतरिक्ष यात्री यूरी मालेनशेन्को और जापान की एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी के आकिहितो होशिदे शामिल हैं। तीनों अंतरिक्ष यात्रियों ने आज सुबह नासा के अंतरिक्ष यान से उड़ान भरी।
इनमें रूसी अंतरिक्ष यात्री यूरी मालेनशेन्को और जापान की एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी के आकिहितो होशिदे शामिल हैं। तीनों अंतरिक्ष यात्रियों ने आज सुबह नासा के अंतरिक्ष यान से उड़ान भरी।
नासा का अंतरिक्ष यान सुनीता और उनकी टीम को लेकर कजाकिस्तान के बेकुनुर से रवाना हुआ। नासा के मुताबिक सुनीता स्पेस स्टेशन एक्सपेडिशन 32 की फ्लाइट इंजीनियर हैं। उनके अलावा इस यात्रा में रूस और जापान के दो अंतरिक्ष यात्री भी फ्लाइट इंजीनियर हैं।
नासा का अंतरिक्ष यान सुनीता और उनकी टीम को लेकर कजाकिस्तान के बेकुनुर से रवाना हुआ। नासा के मुताबिक सुनीता स्पेस स्टेशन एक्सपेडिशन 32 की फ्लाइट इंजीनियर हैं। उनके अलावा इस यात्रा में रूस और जापान के दो अंतरिक्ष यात्री भी फ्लाइट इंजीनियर हैं।
अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद सुनीता एक्सपेडिशन 33 की कमांडर की कमान संभालेंगी सभी अंतरिक्ष यात्री करीब 5 महीने बाद नवंबर में वापस लौटेंगे। 15 जुलाई की ये तारीख सुनीता के लिए वैसे भी काफी खास है।
अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद सुनीता एक्सपेडिशन 33 की कमांडर की कमान संभालेंगी सभी अंतरिक्ष यात्री करीब 5 महीने बाद नवंबर में वापस लौटेंगे। 15 जुलाई की ये तारीख सुनीता के लिए वैसे भी काफी खास है।
सुनीता विलियम्स ने कहा कि मेरे लिए ये गर्व का लम्हा है। यह तारीख वही तारीख है जिस दिन अपोलो सोयूज रवाना हुआ था। अपने पहले मिशन में भी मैंने स्पेसवॉक किया था और उम्मीद है कि इस बार भी मैं स्पेसवॉक करुंगी।
सुनीता विलियम्स ने कहा कि मेरे लिए ये गर्व का लम्हा है। यह तारीख वही तारीख है जिस दिन अपोलो सोयूज रवाना हुआ था। अपने पहले मिशन में भी मैंने स्पेसवॉक किया था और उम्मीद है कि इस बार भी मैं स्पेसवॉक करुंगी।
सुनीता और उनकी टीम का मिशन बेहद अहम है। उनकी पूरी टीम स्पेस स्टेशन में कई तरह की रिसर्च को अंजाम देंगे। इसके अलावा पूरी टीम दो बार स्पेस स्टेशन से बाहर निकलकर स्पेस वॉक करेगी और रिसर्च भी करेंगी।
सुनीता और उनकी टीम का मिशन बेहद अहम है। उनकी पूरी टीम स्पेस स्टेशन में कई तरह की रिसर्च को अंजाम देंगे। इसके अलावा पूरी टीम दो बार स्पेस स्टेशन से बाहर निकलकर स्पेस वॉक करेगी और रिसर्च भी करेंगी।
सुनीता विलियम्स आज दूसरी बार अंतरिक्ष के लिए रवाना हुई हैं। इससे पहले वो 2006 में अंतरिक्ष की यात्रा पर गई थीं और 6 महीने से ज्यादा समय स्पेस स्टेशन पर रही थीं। उनके नाम अंतरिक्ष यात्रा के कई रिकॉर्ड दर्ज हैं।
सुनीता विलियम्स आज दूसरी बार अंतरिक्ष के लिए रवाना हुई हैं। इससे पहले वो 2006 में अंतरिक्ष की यात्रा पर गई थीं और 6 महीने से ज्यादा समय स्पेस स्टेशन पर रही थीं। उनके नाम अंतरिक्ष यात्रा के कई रिकॉर्ड दर्ज हैं।
सुनीता के नाम सबसे लंबे समय यानी 195 दिन तक अंतरिक्ष में रहने का रिकॉर्ड है। बतौर महिला वो अब तक 4 बार स्पेस वॉक कर चुकी हैं। स्पेस वॉक के दौरान 29 घंटे 17 मिनट तक अंतरिक्ष में सैर का भी रिकॉर्ड है।
सुनीता के नाम सबसे लंबे समय यानी 195 दिन तक अंतरिक्ष में रहने का रिकॉर्ड है। बतौर महिला वो अब तक 4 बार स्पेस वॉक कर चुकी हैं। स्पेस वॉक के दौरान 29 घंटे 17 मिनट तक अंतरिक्ष में सैर का भी रिकॉर्ड है।
सुनीता विलियम्स ने बताया कि स्पेसवॉक में सबसे अच्छी बात ये है कि आप किसी भी दिशा में मु़ड़ सकते हैं। आप अंतरिक्ष से सूर्योदय या सूर्यास्त देख सकते हैं।
सुनीता विलियम्स ने बताया कि स्पेसवॉक में सबसे अच्छी बात ये है कि आप किसी भी दिशा में मु़ड़ सकते हैं। आप अंतरिक्ष से सूर्योदय या सूर्यास्त देख सकते हैं।

First published: July 15, 2012
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