नहीं रहे राजेश खन्ना


Updated: March 5, 2015, 7:09 PM IST
नहीं रहे राजेश खन्ना
बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना का निधन हो गया है। वे 69 वर्ष के थे। आज दोपहर बांद्रा स्थित अपने घर पर उन्होंने आखिरी सांस ली।

Updated: March 5, 2015, 7:09 PM IST
बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना का निधन हो गया है।
बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना का निधन हो गया है।
वे 69 वर्ष के थे।
वे 69 वर्ष के थे।
[caption id="attachment_315868"]आज दोपहर बांद्रा स्थित अपने घर पर उन्होंने आखिरी सांस ली।<br />
आज दोपहर बांद्रा स्थित अपने घर पर उन्होंने आखिरी सांस ली।
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निधन के वक्त राजेश खन्ना के साथ उनका पूरा परिवार मौजूद था।
निधन के वक्त राजेश खन्ना के साथ उनका पूरा परिवार मौजूद था।
पत्नी डिंपल कपाड़िया, बेटी ट्विंकल खन्ना और दामाद अक्षय कुमार इस मौके पर मौजूद थे।
पत्नी डिंपल कपाड़िया, बेटी ट्विंकल खन्ना और दामाद अक्षय कुमार इस मौके पर मौजूद थे।
[caption id="attachment_315871"]सभी अपने हीरो के निधन से दुखी हैं।<br />
29 दिसंबर 1942 को अमृतसर में जन्मे राजेश खन्ना का असली नाम जतिन खन्ना है। सभी अपने हीरो के निधन से दुखी हैं।

29 दिसंबर 1942 को अमृतसर में जन्मे राजेश खन्ना का असली नाम जतिन खन्ना है। [/caption]
1966 में उन्होंने पहली बार 24 साल की उम्र में आखिरी खत नामक फिल्म में काम किया था।
1966 में उन्होंने पहली बार 24 साल की उम्र में आखिरी खत नामक फिल्म में काम किया था।
डिंपल और राजेश की दो बेटी हैं ट्विंकल और रिंकी। डिम्पल और ‍राजेश में नहीं पटी, बाद में दोनों अलग हो गए।
डिंपल और राजेश की दो बेटी हैं ट्विंकल और रिंकी। डिम्पल और ‍राजेश में नहीं पटी, बाद में दोनों अलग हो गए।
इसके बाद राज, बहारों के सपने, औरत के रूप जैसी कई फिल्में उन्होंने की लेकिन उन्हें असली कामयाबी 1969 में आराधना से मिली।
इसके बाद राज, बहारों के सपने, औरत के रूप जैसी कई फिल्में उन्होंने की लेकिन उन्हें असली कामयाबी 1969 में आराधना से मिली।
इसके बाद एक के बाद एक 14 सुपरहिट फिल्में देकर उन्होंने हिंदी फिल्मों के पहले सुपरस्टार का तमगा अपने नाम किया।
इसके बाद एक के बाद एक 14 सुपरहिट फिल्में देकर उन्होंने हिंदी फिल्मों के पहले सुपरस्टार का तमगा अपने नाम किया।
1971 में राजेश खन्ना ने कटी पतंग, आनंद, आन मिलो सजना, महबूब की मेंहदी, हाथी मेरे साथी, अंदाज नामक फिल्मों से अपनी कामयाबी का परचम लहराया।
1971 में राजेश खन्ना ने कटी पतंग, आनंद, आन मिलो सजना, महबूब की मेंहदी, हाथी मेरे साथी, अंदाज नामक फिल्मों से अपनी कामयाबी का परचम लहराया।
बाद के दिनों में दो रास्ते, दुश्मन, बावर्ची, मेरे जीवन साथी, जोरू का गुलाम, अनुराग, दाग, नमक हराम, हमशक्ल जैसी फिल्में भी कामयाब रहीं।
बाद के दिनों में दो रास्ते, दुश्मन, बावर्ची, मेरे जीवन साथी, जोरू का गुलाम, अनुराग, दाग, नमक हराम, हमशक्ल जैसी फिल्में भी कामयाब रहीं।
1980 के बाद राजेश खन्ना का दौर खत्म होने लगा।
1980 के बाद राजेश खन्ना का दौर खत्म होने लगा।
बाद में वे राजनीति में आए और 1991 में वे नई दिल्ली से कांग्रेस के टिकट पर संसद सदस्य चुने गए।
बाद में वे राजनीति में आए और 1991 में वे नई दिल्ली से कांग्रेस के टिकट पर संसद सदस्य चुने गए।
1994 में उन्होंने एक बार फिर खुदाई फिल्म से परदे पर वापसी की कोशिश की।
1994 में उन्होंने एक बार फिर खुदाई फिल्म से परदे पर वापसी की कोशिश की।
आ अब लौट चलें, क्या दिल ने कहा, जाना, वफा जैसी फिल्मों में उन्होंने अभिनय किया लेकिन इन फिल्मों को कोई खास सफलता नहीं मिली
आ अब लौट चलें, क्या दिल ने कहा, जाना, वफा जैसी फिल्मों में उन्होंने अभिनय किया लेकिन इन फिल्मों को कोई खास सफलता नहीं मिली
राजेश खन्ना ने श्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेअर पुरस्कार तीन बार जीता और चौदह बार वे नॉमिनेट हुए
राजेश खन्ना ने श्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेअर पुरस्कार तीन बार जीता और चौदह बार वे नॉमिनेट हुए
First published: July 18, 2012
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