मेट्रो स्टेशन पर मॉक ड्रिल


Updated: March 5, 2015, 7:17 PM IST
मेट्रो स्टेशन पर मॉक ड्रिल
दिल्ली मेट्रो के 11 स्टेशनों पर शनिवार को मॉक ड्रिल की गई जिसकी वजह से ट्रेनों की आवाजाही लगभग एक घंटे तक बाधित रही। इसके कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

Updated: March 5, 2015, 7:17 PM IST
[caption id="attachment_316506"]दिल्ली मेट्रो के 11 स्टेशनों पर शनिवार को मॉक ड्रिल की गई जिसकी वजह से ट्रेनों की आवाजाही लगभग एक घंटे तक बाधित रही। इसके कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। <br />
दिल्ली मेट्रो के 11 स्टेशनों पर शनिवार को मॉक ड्रिल की गई जिसकी वजह से ट्रेनों की आवाजाही लगभग एक घंटे तक बाधित रही। इसके कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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दिल्ली मेट्रो के एक अधिकारी ने बताया कि मॉक ड्रिल सुबह 11 बजे शुरू होकर 11.50 बजे खत्म हुई और इसमें 11 स्टेशनों को शामिल किया गया। अधिकारी ने बताया कि इसके शुरू होने से पहले आपातकालीन प्रक्रिया के तहत स्टेशनों में प्रवेश बंद कर दिया गया।
दिल्ली मेट्रो के एक अधिकारी ने बताया कि मॉक ड्रिल सुबह 11 बजे शुरू होकर 11.50 बजे खत्म हुई और इसमें 11 स्टेशनों को शामिल किया गया। अधिकारी ने बताया कि इसके शुरू होने से पहले आपातकालीन प्रक्रिया के तहत स्टेशनों में प्रवेश बंद कर दिया गया।
इस दौरान यात्रियों को शांत रहने का आग्रह करने के लिए ट्रेन और स्टेशन में घोषणाएं कराई गईं। उसके उपरांत स्थिति सामान्य हुई।
इस दौरान यात्रियों को शांत रहने का आग्रह करने के लिए ट्रेन और स्टेशन में घोषणाएं कराई गईं। उसके उपरांत स्थिति सामान्य हुई।
मॉक ड्रिल का आयोजन केंद्रीय सचिवालय, शाहदरा, पीतमपुरा, बदरपुर, कीर्ति नगर, चांदनी चौक, अक्षरधाम, करोल बाग, नोएडा सिटी सेंटर, गुरु द्रोणाचार्य और द्वारका सेक्टर 11 में किया गया।
मॉक ड्रिल का आयोजन केंद्रीय सचिवालय, शाहदरा, पीतमपुरा, बदरपुर, कीर्ति नगर, चांदनी चौक, अक्षरधाम, करोल बाग, नोएडा सिटी सेंटर, गुरु द्रोणाचार्य और द्वारका सेक्टर 11 में किया गया।
दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयोजित इस ड्रिल का उद्देश्य इस बात की जांच करना था कि मेट्रो कर्मचारी भूकम्प, बम विस्फोट और आतंकी हमले जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं या नहीं।
दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयोजित इस ड्रिल का उद्देश्य इस बात की जांच करना था कि मेट्रो कर्मचारी भूकम्प, बम विस्फोट और आतंकी हमले जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं या नहीं।
एक तरफ जहां कुछ लोग इस ड्रिल की शिकायत करते नजर आए वहीं कुछ ने इसका समर्थन किया। आरुषि भाटिया को ड्रिल के दौरान स्टेशन में प्रवेश नहीं करने दिया गया जिसकी वजह से वह कॉलेज में अपनी क्लास में शामिल हीं पाईं।
एक तरफ जहां कुछ लोग इस ड्रिल की शिकायत करते नजर आए वहीं कुछ ने इसका समर्थन किया। आरुषि भाटिया को ड्रिल के दौरान स्टेशन में प्रवेश नहीं करने दिया गया जिसकी वजह से वह कॉलेज में अपनी क्लास में शामिल हीं पाईं।
आरुषि ने कहा कि मुझे करोल बाग स्टेशन से जाना था लेकिन मॉक ड्रिल की वजह से मुझे कॉलेज के लिए आटो लेना पड़ा। जाम की वजह से मेरी कक्षा छूट गईं।
आरुषि ने कहा कि मुझे करोल बाग स्टेशन से जाना था लेकिन मॉक ड्रिल की वजह से मुझे कॉलेज के लिए आटो लेना पड़ा। जाम की वजह से मेरी कक्षा छूट गईं।
दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन के एक बयान के मुताबिक दिल्ली मेट्रो आतंकी हमले, ट्रेन और स्टेशन से निकलने के लिए, ट्रेन के पटरी से उतरने या आग लगने जैसी घटनाओं के मद्देनजर समय-समय पर मॉक ड्रिल का आयोजन करती है।
दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन के एक बयान के मुताबिक दिल्ली मेट्रो आतंकी हमले, ट्रेन और स्टेशन से निकलने के लिए, ट्रेन के पटरी से उतरने या आग लगने जैसी घटनाओं के मद्देनजर समय-समय पर मॉक ड्रिल का आयोजन करती है।
First published: July 28, 2012
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