केजरीवाल के खिलाफ FIR दर्ज हो: बिजली मंत्री

News18India

Updated: October 6, 2012, 11:50 AM IST
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नई दिल्ली। केजरीवाल ने दिल्ली में बिजली पानी सत्याग्रह शुरू कर दिया है। इसके पहले चरण में टीम केजरीवाल ने आज एक दिहाड़ी मजदूर के घर काटे गए बिजली कनेक्शन को जोड़ दिया। हालांकि दिल्ली सरकार और कांग्रेस ने विरोध के इस तरीके का विरोध किया है, जबकि दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

दरअसल केजरीवाल ने दिल्ली के एक मजदूर के घर आए बिजली के बिल को आधार बनाकर नए तरीके की राजनीति शुरू कर दी। दिल्ली के स्थानीय मुद्दे यानी बिजली, पानी को लेकर विपक्षी पार्टी बीजेपी ने भी खूब हो हंगामा किया है। विरोध प्रदर्शन भी किया। लेकिन केजरीवाल ने शनिवार को जो कुछ किया, वो राजधानी दिल्ली की राजनीति में बिल्कुल नया है।

केजरीवाल के खिलाफ FIR दर्ज हो: बिजली मंत्री
केजरीवाल ने दिल्ली में बिजली पानी सत्याग्रह शुरू कर दिया है। इसके पहले चरण में टीम केजरीवाल ने आज एक दिहाड़ी मजदूर के घर काटे गए बिजली कनेक्शन को जोड़ दिया।

केजरीवाल अपने साथियों के साथ सीधे खानपुर में एक मजदूर के घर गए। वहां बकायदा मीडिया और सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में इसके घर का बिजली कनेक्शन जोड़ दिया, जिसे बिजली कर्मचारियों ने बिल न चुकाने पर काट दिया था। इसके बाद केजरीवाल ने न सिर्फ मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर निशाना साधा, बल्कि ये भी कहा कि अगर इसके लिए उन्हें जेल भी जाना पड़े तो वो नहीं चूकेंगे।

यही नहीं, केजरीवाल ने ये भी ऐलान कर दिया कि जब तक सरकार बिजली के बढ़े दामों को वापस नहीं लेती, तब तक वो हर उस घर में जाकर बिजली के कनेक्शन जोड़ेंगे। जहां की बिजली काट दी गई है। टीम केजरीवाल इसके बाद बीएसईएस के दफ्तर भी पहुंची और जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

वहीं दिल्ली के बिजली मंत्री हारुन यूसुफ ने अरविंद केजरीवाल पर दिल्ली में अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि कानून अपने हाथ में लेने के लिए उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने बिजली कंपनी बीएसईएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से कहा है कि बिजली का कनेक्शन जोड़ने का गैर कानूनी काम करने के लिए केजरीवाल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।

हालांकि खानपुर के जिस मजदूर के घर में केजरीवाल ने बिजली कनेक्शन जोड़ा। वहां बाद में पुलिस भी पहुंची और इस बात की तफ्तीश शुरू कर दी है कि क्या ये गैरकानूनी काम नहीं है। इस बीच बिजली पर केजरीवाल के विरोध के तरीके पर कांग्रेस ने सवाल खड़ा किया है। एक बात तो तय है कि शुक्रवार को सीधे सोनिया के दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर आरोप लगाने के बाद अब केजरीवाल दिल्ली के स्थानीय मुद्दों को हवा देने की कोशिश में हैं। ऐसे में ये देखना दिलचस्प होगा आखिर चुनाव के दौरान वो मतदाताओं को अपनी तरफ खींच पाते हैं या नहीं।

बिजली कनेक्शन को लेकर भले ही राजनीति शुरू हो गई है। लेकिन सवाल ये है कि जिस बानाराम के घर कनेक्शन को लेकर सियासी तूफान मचा है। आखिर उस बानाराम का क्या हाल है, उस बानाराम की आखिर क्या गलती है, जिसकी सजा उसे बिजली के बढ़े हुए बिल देकर दी जा रही है। बानाराम दिहाड़ी मजदूरी करता है। उसके परिवार में कुल सात लोग हैं और बिजली के नाम पर घर में एक कूलर, एक टीवी और 60 वॉट का एक बल्ब जलता है। लेकिन आप ये जानकर हैरान रह जाएंगे कि इस घर में बिजली का बिल पिछले तीन बार से बढ़ता ही जा रहा है, और इस बार दो महीने का बिल 15 हजार रुपये आया है। हर महीने बानाराम ज्यादा से ज्यादा 3 से 4 हजार रुपये कमाते हैं। अब ये किसी की भी समझ से परे है कि आखिर बानाराम हजारों रुपयों का बिजली बिल कहां से चुकाएंगे।

दिल्ली में बिजली पानी को लेकर राजनीति आम बात है। केजरीवाल के दिल्ली चुनाव में उतरने के फैसले के बाद उनके विरोध का हर तरीका अब राजनीति का ही हिस्सा है। कांग्रेस-बीजेपी भी अपने अपने तरीके से इस पर राजनीति करेगी। लेकिन अहम सवाल ये है कि क्या बानाराम की जिंदगी राजनीति के भरोसे चल पाएगी? क्या बानाराम जैसे लोगों की मुश्किलें हल हो पाएंगी?

First published: October 6, 2012
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