हां! पांच चिट्ठियां लिखी थीं, 10 और लिखूंगा: गडकरी

आईएएनएस

Updated: October 6, 2012, 3:39 PM IST
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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष नितिन गडकरी ने शनिवार को स्वीकार किया कि महाराष्ट्र की गोसीखुर्द सिंचाई परियोजना के समर्थन में उन्होंने पत्र लिखा था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने स्थानीय लोगों की भलाई के लिए कुछ वर्षों के दौरान एक नहीं बल्कि कई पत्र लिखे।

कांग्रेस नेता जनार्दन द्विवेदी ने शुक्रवार को आरोप लगाए थे कि गोसीखुर्द परियोजना में गडकरी के एक ठेकेदार से संबंध हैं। इसके जवाब में गडकरी ने शनिवार को यह स्वीकार किया और कहा कि उन्होंने लोगों के हित में काम किया क्योंकि परियोजना में हो रही देरी के चलते स्थानीय लोग प्रभावित हो रहे थे।

हां! पांच चिट्ठियां लिखी थीं, 10 और लिखूंगा: गडकरी
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष नितिन गडकरी ने शनिवार को स्वीकार किया कि महाराष्ट्र की गोसीखुर्द सिंचाई परियोजना के समर्थन में उन्होंने पत्र लिखा था।

गडकरी ने कहा कि परियोजना के समर्थन में पत्र लिखकर मैंने क्या अपराध किया है। परियोजना मेरे क्षेत्र में है और जब परियोजना में देरी हो रही थी तो लोगों ने मुझसे संपर्क किया। गोसीखुर्द बांध सूखा प्रभावित विदर्भ क्षेत्र में है जिसे क्षेत्र का सरदार सरोवर या भाखरा नांगल भी कहा जाता है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मैंने एक पत्र नहीं लिखा है बल्कि पांच लिखे हैं और 10 और लिखूंगा।

गडकरी ने कहा कि मेरी जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष माणिकराव ठाकरे ने भी पत्र लिखा था, मुख्यमंत्री ने भी पत्र लिखा। केंद्रीय मंत्री मुकुल वासनिक सहित कई सांसदों और विधायकों ने भी परियोजना के लिए पत्र लिखे हैं। उन्होंने कहा कि किसान आत्महत्या कर रहे थे। मैं चुप रहता तो मुझ पर आरोप लगता कि मैं चुप रह गया। अब मैंने बोल दिया तो यह भी समस्या बन गई।

ज्ञात हो कि भाजपा अध्यक्ष गडकरी ने 30 जुलाई को केंद्रीय जल संसाधन मंत्री पवन कुमार बंसल को एक पत्र लिखा था जो विवाद का विषय बन गया है। गडकरी ने बंसल से उन ठेकेदारों के बकाए का भुगतान कराने को कहा था जो विदर्भ में केंद्र-प्रायोजित गोसीखुर्द बांध परियोजना से जुड़े हुए हैं। पत्र में हालांकि किसी ठेकेदार का नाम नहीं है।

कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा नेता ने अपने कुछ सहयोगियों को जल्द भुगतान दिलवाने में दिलचस्पी दिखाई। उल्लेखनीय है कि गोसीखुर्द परियोजना महाराष्ट्र में कथित रूप से हुए सिंचाई घोटाले से जुड़ी हुई है। इस घोटाले के कारण राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता अजित पवार को पिछले महीने उपमुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा।

First published: October 6, 2012
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