सलमान खुर्शीद को विदेश, पवन बंसल को मिला रेल मंत्रालय

News18India

Updated: October 28, 2012, 12:43 PM IST
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मंत्रिमंडल की शक्ल फिर बदल गई है। रविवार को राष्ट्रपति भवन में हुए समारोह में कुल 22 मंत्रियों ने शपथ ली जिसमें 7 कैबिनेट, 2 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और 13 राज्य मंत्री हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने साफ किया कि वे राहुल गांधी को भी अपनी टीम में चाहते थे, लेकिन वे तैयार नहीं हुए। सलमान खुर्शीद को विदेश और पवन बंसल को रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन मंत्रियों को 2014 में होने जा रहे चुनावी महाभारत में पराक्रम दिखाना है। कैबिनेट दर्जे वाले मंत्रियों की लिस्ट में सात नए लोगों को जोड़ा गया है जिनमें दो नए चेहरे हैं जबकि पांच को तरक्की दी गई है।

हरीश रावत को जल संसाधन मंत्रालय सौंपा गया है। पहले वे संसदीय कार्य और कृषि राज्यमंत्री थे। अजय माकन को आवास एवं गरीबी उन्मूलन विभाग सौंपा गया है। पहले वे स्वतंत्र प्रभार के तहत खेल मंत्रालय देख रहे थे। रक्षाराज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे पल्लम राजू को तरक्की देकर मानव संसाधन मंत्रालय दिया गया है। खनन राज्यमंत्री दिनशा पटेल को इसी विभाग का कैबिनेट मंत्री बना दिया गया है। अश्विनी कुमार को कानून मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पहले वे विज्ञान और तकनीकी राज्यमंत्री थे।

इसके अलावा के.रहमान खान को सीधे कैबिनेट में शामिल करते हुए अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय सौंप गया है। जबकि चंद्रेश कुमारी को संस्कृति मंत्रालय दिया गया है।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मानें तो ये युवा, अनुभवी और विभागों की जिम्मेदारी पर खरे उतरने वाले लोगों की संतुलित टीम है। वे राहुल गांधी को भी सरकार में शामिल करना चाहते थे, लेकिन वे पार्टी संगठन को मजबूत करना चाहते हैं।

इस फेरबदल में पार्टी प्रवक्ता की जिम्मेदारी संभाल रहे मनीष तिवारी और दक्षिण भारत में रुपहले परदे के सुपर सितारे चिरंजीवी को स्वतंत्र प्रभार के साथ राज्यमंत्री बनाया गया है। मनीष तिवारी को सूचना-प्रसारण मंत्रालय और चिरंजीवी को पर्यटन मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा 13 लोगों को राज्यमंत्री बनाया गया है। इनमें शशि थरूर और तारिक अनवर जैसे दिग्गज भी शामिल हैं। थरूर को मानव संसाधन मंत्रालय और तारिक अनवर को कृषि मंत्रालय से जोड़ा गया है।

साथ ही 10 कैबिनेट मंत्री ऐसे हैं जिनके या तो विभाग बदले गए हैं या फिर उनका बोझ हलका किया गया है। सलमान खुर्शीद अब विदेश और पवन कुमार बंसल रेल मंत्रालय संभालेंगे। वीरप्पा मोइली को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस,

जयपाल रेड्डी को विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी, कमलनाथ को शहरी विकास एवं संसदीय कार्य और व्यालार रवि को प्रवासी भारतीय मामलों का मंत्रालय सौंपा गया है। इसी तरह कपिल सिब्बल अब केवल संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी, सी.पी जोशी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, कुमारी शैलजा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता और जयराम रमेश ग्रामीण विकास मंत्रालय संभालेंगे। राज्यमंत्री बतौर स्वतंत्र प्रभार की तरक्की देते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया को ऊर्जा और सचिन पायलट को कॉरपोरेट मामलों से जुड़ा मंत्रालय संभालने की जिम्मेदारी दी गई।

इस फेरबदल से ये भी साफ हो गया है कि प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार के आरोपों की परवाह नहीं की। सलमान खुर्शीद से जुड़े ट्रस्ट में हुए फर्जीवाड़े के आरोपों ने पिछले दिनों काफी तूल पकड़ा था, लेकिन सलमान को विदेश जैसा अहम मंत्रालय सौंपा गया है। सलमान खुर्शीद के मुताबिक योग्यता को परखकर जिम्मेदारी दी जाती है।

मसला सलमान खुर्शीद का ही नहीं है। कर्नाटक के अमानत कोआपरेटिव बैंक के बोर्ड में रहते हुए के.रहमान खान पर 200 करोड़ के घोटाले में शामिल होने का आरोप है। अब वे अल्पसंख्यकों का कल्याण करेंगे। उधर, कोयला घोटाले के छींटे पड़ने के बावजूद श्रीप्रकाश जायसवाल की कुर्सी बरकरार है। हालांकि इसी मामले में नाम कमाने वाले सुबोधकांत सहाय की कुर्सी चली गई है। लेकिन जब अपने विवादित और गैरजिम्मेदाराना बयानों वाले बेनी प्रसाद वर्मा को भी नहीं छेड़ा गया तो साफ है कि प्रधानमंत्री के लिए आरोप लगना कोई मुद्दा नहीं हैं।

First published: October 28, 2012
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