तालियों के लिए महिला सम्मान की बातें करते नेता!

News18India

Updated: November 1, 2012, 3:43 PM IST
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नई दिल्ली। राजनीतिक भाषा में क्या कोई लक्ष्मण रेखा होती है-ये सवाल नरेंद्र मोदी के बाद अब दिग्विजय सिंह से पूछा जाए, क्योंकि नरेंद्र मोदी ने जो लक्ष्मण रेखा लांघी उसे दिग्गी राजा भी लांघ गए। न नरेंद्र मोदी ने एक महिला की प्रतिष्ठा, सम्मान और शख्सियत का ध्यान रखा न दिग्विजय सिंह को एक महिला का नाम लेकर कीचड़ उछालने से परहेज हुआ।

मानव संसाधार राज्य मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर को 50 करोड़ की गर्ल फ्रेंड कहकर मोदी तो सुर्खियों में आ गए और अब मोदी को उनकी मिसेज की याद दिला कर दिग्गी राजा मुस्कुरा रहे हैं। दिग्विजय सिंह शायद भूल गए कि नरेंद्र मोदी ने भले ही एक केंद्रीय मंत्री की पत्नी पर शर्मनाक टिप्पणी की लेकिन उस टिप्पणी ने उन्हें नरेंद्र मोदी की पत्नी का नाम लेकर कटाक्ष करने का लाइसेंस नहीं दे दिया।

दिलचस्प ये है कि ये सारे बयान हिमाचल प्रदेश में होने वाले चुनाव प्रचार के दौरान दिए और लिए जा रहे हैं। हिमाचल की जनता को न सुनंदा पुष्कर से कोई लेना देना है न ही नरेंद्र मोदी की पत्नी से, लेकिन चुनावी भाषणों में तालियां बटोरने के लिए एक महिला के सम्मान की बोली लगाने से हमारे नेता बाज नहीं आते। मोदी ने थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर को पचास करोड़ की गर्लफ्रेंड करार दिया था। शशि थरूर को कोसते कोसते मोदी उनकी निजी जिंदगी में घुसपैठ कर गए थे।

राजनीति की ये भाषा राजनेता बोलते हैं और बाद में उनकी पार्टियां किनारा करती हैं। लेकिन अब तो ऐसे बयानों से पल्ला झाड़़ने या निंदा करने के बजाय पार्टियां अपने नेताओं का बचाव करती दिख रही हैं। इसीलिए मोदी के बयान के बाद पार्टी प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने एक और भोंडा बयान दिया, कांग्रेस को मुफ्त में मोहब्बत का मंत्रालय बनाने की सलाह दे गए। पार्टी के दूसरे आला नेता रविशंकर प्रसाद को नकवी साहब के शब्द नजर नहीं आए लेकिन कांग्रेस के दिग्विजय सिंह के शब्द उन्हें स्तरहीन लग रहे हैं।

वहीं कांग्रेस प्रवक्ता सत्यव्रत चतुर्वेदी महिलाओं पर ऐसे बयानों पर अफसोस तो जता रहे हैं लेकिन ये भी कह रहे हैं कि दिग्विजय तो मोदी को आइना दिखा रहे थे। सवाल ये कि आखिर नरेंद्र मोदी को किसी केंद्रीय मंत्री की पत्नी पर ऐसा कटाक्ष करने का अधिकार किसने दिया और उस केंद्रीय मंत्री के प्रवक्ता बन कर दिग्विजय सिंह को मोदी की पत्नी को घसीटने का हक किसने दिया। वैसे तो खुद थरूर ने भी मोदी को ट्वीट पर जवाब देते हुए साफ लिखा था कि मेरी पत्नी अनमोल है लेकिन ये समझने के लिए मोदी को मोहब्बत करनी पड़ेगी।

लेकिन खुद सुनंदा पुष्कर का दर्द आईबीएन नेटवर्क को दिए गए इंटरव्यू में छलक पड़ा। सुनंदा ने कहा कि मोदी खुद को कल के नेता की तरह पेश करते हैं, क्या नेता ऐसा होता है?

First published: November 1, 2012
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