सद्भावना पर सवाल, मोदी ने नहीं दिया मुस्लिम को टिकट

News18India

Updated: November 30, 2012, 2:19 AM IST
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अहमदाबाद। गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने एक भी मुस्लिम को पार्टी का टिकट नहीं दिया है। जबकि पार्टी 182 में से 181 उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है। ऐसे में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के सद्भावना मिशन पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि पार्टी का दावा है कि वो धर्म के आधार पर नहीं, जीतने की संभावना को देखते हुए टिकट देती है।

सद्भावना यात्रा के जरिए मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी बीते एक साल से अपनी छवि बदलने का मिशन चला रहे थे। लेकिन जब मसला चुनाव का आया तो मोदी ने सिर्फ दिमाग से काम लिया। 182 सीटों वाली गुजरात विधानसभा के लिए घोषित 181 बीजेपी उम्मीदवारों की लिस्ट में एक भी मुसलमान नहीं है। जबकि गुजरात की 9.1 फीसदी आबादी मुसलमानों की है।

सद्भावना पर सवाल, मोदी ने नहीं दिया मुस्लिम को टिकट
गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने एक भी मुस्लिम को पार्टी का टिकट नहीं दिया है। जबकि पार्टी 182 में से 181 उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है। ऐसे में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के सद्भावना मिशन पर सवाल उठ रहे हैं।

जाहिर है, मुस्लिम समुदाय बीजेपी शासन में ही राजनीतिक रूप से शून्य हुआ है। इससे पहले उनकी आवाज उठाने के लिए कुछ मुस्लिम विधायक जरूर होते थे। 1985 में गुजरात विधानसभा में सबसे ज्यादा 11 मुस्लिम विधायक थे।

जाहिर है, मुस्लिम समुदाय में नाराजगी है। हालांकि जिनकी नजर सिर्फ विकास पर है, वे परवाह करते नहीं दिखे। कहा जा रहा है कि 1985 में 11 मुस्लिम थे तो भी क्या फर्क पड़ा 1990 में दो थे तभी क्या फर्क पड़ा। आंकड़ा मायने नहीं रखता। मायने रखता है कि मुसलमानों का भी डेवेलपमेंट होता है या नहीं।

उधर, इस मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस में भी जबानी जंग शुरू हो गई है।

वैसे, नरेंद्र मोदी बार-बार छह करोड़ गुजरातियों के नेता होने की बात करते हैं। जाहिर है, इनमें मुस्लिम भी हैं। फिर उन्हें विधानसभा में क्यों नहीं होना चाहिए?

First published: November 30, 2012
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