त्रिपुरा में कांग्रेस को झटका, 32 नेताओं ने पार्टी छोड़ी

आईएएनएस

Updated: January 16, 2013, 3:41 PM IST
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अगरतला। त्रिपुरा में विधानसभा चुनावों के आगाज के साथ ही कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है। बुधवार को 32 जनजातीय नेताओं ने पार्टी छोड़ने की घोषणा की। राज्य में 14 फरवरी को चुनाव होंगे। मेघालय और नागालैंड में 23 फरवरी को मतदान होगा और तीनों राज्यों के परिणाम की घोषणा 28 फरवरी को की जाएगी। तीनों राज्यों में विधानसभा सीटों की संख्या 60 है।

पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को इस्तीफा भेजने वाले 32 नेताओं में पार्टी की जनजातीय शाखा के अध्यक्ष फणी भूषण भौमिक और महासचिव देबब्रत कोलाई भी शामिल हैं। असंतुष्ट नेताओं ने जनजातियों के लिए आरक्षित 18 सीटों सहित 21 क्षेत्रों से इसी वर्ग के प्रत्याशी को टिकट देने की मांग की है।

त्रिपुरा में कांग्रेस को झटका, 32 नेताओं ने पार्टी छोड़ी
त्रिपुरा में विधानसभा चुनावों के आगाज के साथ ही कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है। बुधवार को 32 जनजातीय नेताओं ने पार्टी छोड़ने की घोषणा की।

पिछले सप्ताह कांग्रेस महासचिव ऑस्कर फर्नाडीज ने 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए 48 प्रत्याशियों की सूची जारी की। पार्टी ने राज्य में लंबे समय से साथ निभाने वाली आईएनपीटी को 11 सीटें दी हैं।

त्रिपुरा की 60 सीटों में से 20 सीटें जनजातियों के लिए और 10 सीटें दलितों के लिए आरक्षित हैं। इनमें से 2008 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-आईएनपीटी गठबंधन मात्र एक सीट पर जीत दर्ज कर सका।

इस बीच त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के लिए सूची जारी किए जाने के बाद से कांग्रेस नेताओं का विद्रोह जारी है। कम से कम 15 स्थानों पर नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रत्याशी बदलने की मांग की है। त्रिपुरा कांग्रेस के अध्यक्ष सुदीप राय बर्मन ने कहा है कि प्रत्याशी नहीं बदले जाएंगे।

उधर केंद्र से लेकर पश्चिम बंगाल तक में कांग्रेस से दूरी बना चुकी तृणमूल कांग्रेस ने त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में दोस्ती निभाने का मन बनाया है। तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अरुण चंद्र भौमिक ने बताया कि हम कांग्रेस के खिलाफ प्रत्याशी नहीं खड़ा करेंगे क्योंकि हम वामो के खिलाफ वोट एकजुट रखना चाहते हैं।

First published: January 16, 2013
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