बड़ा सवाल: क्या चौटाला 2014 में चुनाव लड़ पाएंगे?

Updated: January 16, 2013, 5:57 PM IST
facebook Twitter google skype whatsapp

नई दिल्ली। सवाल ये है कि क्या होगा हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला का। कानून के जानकारों के मुताबिक भ्रष्टाचार के गुनहगार चौटाला का राजनीतिक जीवन मुश्किल में पड़ सकता है। अगर 22 जनवरी को अदालत ने उन्हें दो साल से ज्यादा की सज़ा सुनाई, तो उनके चुनाव लड़ने पर रोक लग सकती है।

हरियाणा के दमदार नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला। क्या चौटाला 2014 में होने वाले विधान सभा या लोक सभा के चुनाव लड़ पाएंगे? जानकारों की मानें तो चौटाला का राजनीतिक जीवन अधर में लटक सकता है। दिल्ली की निचली अदालत से भ्रष्टाचार के मामले में चौटाला दोषी पाए गए हैं। चौटाला को धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के जिन धाराओं के तहत दोषी पाया गया है उनमें 2 से 7 साल तक की सज़ा हो सकती है।

रिप्रेजेंशन ऑफ पीपल्स एक्ट के मुताबिक दो साल से ज्यादा सजा पाने पर कोई भी व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता। चुनाव न लड़ने की पाबंदी छह सालों तक रहती है। लेकिन मौजूदा सांसद या विधायकों को थोड़ी राहत दी जाती है। विधायक और सांसद को चुनाव लड़ने की छूट दी जाती है। लेकिन ये छूट सिर्फ तब तक होती है जब तक हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट मुकदमे का फैसला नहीं सुना देता। यानि कानून के मुताबिक चौटाला को फिलहाल चुनाव लड़ने से रोका नहीं जा सकता, चौटाला हरियाणा के उचाना से विधायक हैं। जब निचली अदालत सज़ा की मियाद सुनाएगी तो ज़ाहिर है वो हाईकोर्ट में उस फैसले को चुनौती देंगे और यहीं पर उन्हें चुनाव लड़ने की इजाज़त दे दी जाएगी। लेकिन इसमें एक पेंच और भी है। हो सकता है कि हाईकोर्ट 2014 के चुनाव से पहले अपना फैसला सुना दे। अगर हाईकोर्ट भी चौटाला को दोषी मान लेता है तो उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दो अदालतों से दोषी पाए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने की उम्मीद कम हो जाती है। इससे पहले आर्म्स एक्ट में निचली अदालत से दोषी पाए गए संजय दत्त को सुप्रीम कोर्ट ने चुनान लड़ने की इजाजत नहीं दी थी। अब सबकी नज़रें निचली आदलत पर टिकीं हैं, जहां 22 जनवरी को चौटाला के साथ साथ उनके बेटे की भी सज़ा की मियाद तय की जाएगी।

First published: January 16, 2013
facebook Twitter google skype whatsapp