18 साल से कम नहीं होगी बाल अपराधियों की उम्र!

वार्ता

Updated: February 27, 2013, 8:37 AM IST
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नई दिल्ली। केंद्रीय महिला और बाल विकास राज्यमंत्री कृष्णा तीरथ ने आज कहा कि हम बच्चों को दिल के करीब रखना चाहते है क्योंकि देश का हर बच्चा भविष्य में अच्छा नागरिक बने और इसलिए हम बाल अपराधियों की उम्र 18 साल से घटाना नहीं चाहते हैं।

तीरथ ने राज्यसभा मे प्रश्नकाल के दौरान किशोर न्याय कानून मे बदलाव के बारे मे पूछे गए पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए यह जानकारी दी। गौरतलब है कि राजधानी में एक चलती बस में 16 दिसंबर को एक पैरामेडिकल छात्रा के साथ बर्बर बलात्कार की घटना के बाद देश में यह बहस छिड़ गई कि क्या बाल अपराध की उम्र 18 साल से कम कर दी जाए क्योंकि पीड़िता के साथ हुए बलात्कार अभियुक्तों में एक अभियुक्त 17 साल पांच महीने का था।

18 साल से कम नहीं होगी बाल अपराधियों की उम्र!
कृष्णा तीरथ ने राज्यसभा मे प्रश्नकाल के दौरान किशोर न्याय कानून मे बदलाव के बारे मे पूछे गए पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए यह जानकारी दी।

तीरथ ने कहा कि चार जनवरी को राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशको की बैठक में बाल अपराधियों की उम्र 18 साल से कम करने का सुझाव आया था, पर वर्मा समिति ने अपनी रिपोर्ट में इस सुझाव को खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा कि देश में 42 प्रतिशत बच्चे हैं। इस तरह उनकी आबादी 44 करोड़ है पर अपराध की घटनाओं में उनका प्रतिशत 0.01 प्रतिशत है। ये बच्चे छोटे-मोटे अपराध करते हैं, मसलन पैसे चुराना, भूख लगने पर वस्तुओं की चोरी आदि। इसलिए बाल अपराधियों की उम्र 18 साल से कम करने के पक्ष में सरकार नहीं है क्योंकि बच्चे देश का भविष्य है। हम उन्हें समझाना चाहते हैं।

First published: February 27, 2013
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