1991 के पहले नाचने-गाने वालों को मिलता था भारत रत्न: बीजेपी सांसद

News18Hindi
Updated: April 16, 2017, 10:55 AM IST
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मध्य प्रदेश के सागर से बीजेपी सांसद लक्ष्मीनारायण यादव ने कहा है कि 1991 के पहले नाचने और गाने वालों को ही भारत रत्न दिया जाता था, लेकिन वीपी सिंह ने इस संस्कृति को बदल दिया. उन्होंने ये बात भारत रत्न बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की 126वीं जयंती पर सागर के रविंदर भवन में आयोजित एक सम्मलेन में कही.

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उन्होंने कहा, '1991 के पहले कई लोगों को भारत रत्न दिया गया. नाचने वाले, गाने वाले और जो जितना बड़ा बदमाश होता था, वो ये उपाधि उतनी जल्दी ही पा जाता था.' यादव ने कहा कि डॉक्टर भीमराव अंबेडकर भारत रत्न दिए जाने के बाद ये परंपरा बदली. इसका श्रेय वीपी सिंह की जनता दल सरकार को जाता है.

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बता दें कि डॉ भीमराव अंबेडकर को मरणोंपरांत 1990 में भारत रत्न सम्मान से नवाज गया था. वहीं, अंबेडकर से पहले 21 लोगों को भारत रत्न सम्मान मिला, जिनमें डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन (1954), चक्रवर्ती राजगोपालाचारी (1954), डॉक्टर चन्‍द्रशेखर वेंकटरमण (1954), डॉक्टर भगवान दास (1955), सर डॉ मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या (1955) और पंडित जवाहर लाल नेहरू (1955) जैसी शख्सियतें शामिल थीं.

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First published: April 16, 2017
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