मोदी से मिल बोलीं महबूबा- वाजपेयी नीति से होगी कश्मीर में शांति

News18Hindi
Updated: April 24, 2017, 1:29 PM IST
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जम्मू कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ़्ती ने घाटी में जारी हिंसा और पत्थरबाजी जैसी घटनाओं पर सोमवार को नई दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी से चर्चा की. महबूबा ने इस बातचीत के बाद कहा कि पत्थरबाजी और गोलीबारी के बीच बातचीत संभव नहीं है.

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महबूबा ने ये भी कहा कि कश्मीर में शांति सिर्फ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की नीतियों पर चलकर ही आ सकती है. महबूबा कुछ ही देर में गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाक़ात करने वाली हैं.

कश्मीर के 90% पत्थरबाज वॉट्सऐप ग्रुप्स बंद

महबूबा ने घाटी में जारी पत्थरबाजी की घटनाओं पर कहा कि ऐसा करने वाले कुछ नौजवान हैं जो गुस्से में हैं. उन्होंने आगे कहा कि इन नौजवानों को उकसाया जा रहा है. महबूबा ने बताया कि इस मीटिंग में कश्मीर के हालत और कानून-व्यवस्था पर भी चर्चा की गई. इसके अलावा गठबंधन पर भी चर्चा हुई.

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महबूबा ने बताया कि इस बातचीत में सिंधु जल संधि और उपचुनावों के दौरान हुई कम वोटिंग पर भी चर्चा की गई है. महबूबा ने बताया कि उन्होंने पीएम पर दबाव डाला कि पानी कि समस्या पर ध्यान दें. महबूबा के कहा कि ऐसे हालातों से हमें नुकसान हो रहा है. एक तरफ से पत्थर चलते हैं दूसरे तरफ से गोलियां इससे नौजवान निराश हैं.

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नीति आयोग की बैठक में हुई थी चर्चा

इससे पहले रविवार को नीति आयोग की बैठक के दौरान भी महबूबा ने सभी राज्यों के सीएम से उनके यहां पढ़ाई कर रहे कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की थी. इसके बाद मोदी ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए बैठक में ही सभी राज्य सरकारों से अपील की थी कि सभी सीएम अपने-अपने राज्यों में मौजूद जम्मू कश्मीर के छात्रों से संपर्क करें.

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क्या था मामला
आपको बता दें कि राजस्थान के मेवाड़ विश्वविद्यालय में कश्मीर के छह छात्रों की कुछ स्थानीय लोगों ने पिटाई कर दी थी. मेरठ में भी एक होर्डिंग लगाकर कश्मीरी छात्रों से उत्तरप्रदेश छोड़ने के लिए कहा गया था.

वॉट्सऐप ग्रुप पर मार
कश्मीर घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवा सस्पेंड होने के बाद से पूर्वनियोजित पत्थरबाजी की घटनाओं में भारी कमी देखेने को मिल रही है. बता दें कि घाटी में पत्थरबाजी की घटनाओं को अंजाम देने के लिए करीब 300 वॉट्सऐप ग्रुप चलाए जा रहे थे. इन्हीं ग्रुप्स के जरिए ये संदेश दिया जाता था कि पत्थरबाजी की घटना को कहां अंजाम दिया जाना है.

 
First published: April 24, 2017
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