गायत्री प्रजापति को फर्श से अर्श पर पहुंचाया, अब खुद कर्ज में डूबे

आईएएनएस
Updated: March 19, 2017, 9:53 PM IST
गायत्री प्रजापति को फर्श से अर्श पर पहुंचाया, अब खुद कर्ज में डूबे
Photo - News18
आईएएनएस
Updated: March 19, 2017, 9:53 PM IST
समाजवादी पार्टी की आपराधिक छवि के लिए सबसे बड़े जिम्मेदार कहे जाने वाले नेता गायत्री प्रसाद प्रजापति इन दिनों सलाखों के पीछें हैं. हालांकि एक समय था जब यूपी के ये पूर्व कैबिनेट मंत्री गरीबी की अंधेरी गलियों में रहते थे. लेकिन गरीबी से उबरकर प्रजापति ने करोड़पति बनने का सफर तय किया. हालांकि, उन्हें फर्श से अर्श तक पहुंचाने वाले इंसान मनीराम की हालत आज अर्श से फर्श तक पहुंच गई है.

खनन माफिया के नाम से मशहूर सूबे के पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रजापति कभी रंगाई- पुताई की ठेकेदारी उठाते थे. लेकिन राजनीति में आने के साथ ही वो कई कंपनियों के मालिक बन बैठे और फिर सूबे में कैबिनेट मंत्री बनकर बेरोकटोक आगे निकलते गए. लेकिन उनके राजनीतिक सफर में उनका खर्चा उठाने वाले मनीराम आज कर्ज में डूबे हैं.

लोक दल के टिकट से चुनाव लड़ने के बाद प्रजापति प्रदेश के राजनीति के महापंडितों की निगाह में आ गए. फिर राज्य की समाजवादी पार्टी में धीरे -धीरे अपनी पकड़ बनाने के बाद वो मुलायम सिंह के निकट पहुंचे. नजदीकियां बढ़ीं तो वो जिले में पार्टी के उपाध्यक्ष मनीराम वर्मा सहित अन्य लोगों के संपर्क में आ गए.

सपा नेता मनीराम वर्मा कहते हैं कि करोड़ों के मालिक प्रजापति की 2002 में चुनाव लड़ने की हैसियत नहीं थी. उस दौरान पोस्टर, बैनर से लेकर कार्यकर्ताओं पर खर्च होने वाले पैसे को मैंने ही उपलब्ध करवाया था. उन्होंने कहा कि जब दिन अच्छे हुए तो प्रजापति सब कुछ भूल गए. आपको बता दें कि इस समय मनीराम पर छह लाख रुपए से ज्यादा का बैंक कर्ज है.

मनीराम बताते हैं कि चुनाव लड़ने के बाद प्रजापति का संपर्क अमेठी में रहे एसडीएम मता फेर से हुआ. मता फेर ने शहीद पथ पर प्रजापति को जमीन का पट्टा दिलवा दिया. पट्टे की रजिस्ट्री होने के बाद प्रजापति के दिन सुधरने शुरू हुए तो वो पुराने साथियों को भूलते गए.
First published: March 19, 2017
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