राहुल गांधी कांग्रेस के लिए जरूरी हैं, मजबूरी नहीं: राजीव शुक्ला

News18India

Updated: March 18, 2017, 12:04 AM IST
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न्यूज18 चौपाल में केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि हमने सत्ता के गलियारों में और लूट लॉबी में तालेबंदी की, दलाली में नाकेबंदी की और लूटलॉबी में नकेल कसी. हम लगातार जीत रहे हैं और पौने तीन सालों में भी विपक्ष को देश का मूड नहीं समझ आ रहा इसके बाद भी नहीं समझ आये तो इनके ऊपर है.

नकवी ने कहा कि हमारी सरकार में गरीबों के लिए काम होता रहेगा हम विकास के पथ पर बढ़ते रहेंगे. हमने गरीबों के लिए जमीन पर योजनाएं उतारीं. नकवी ने कहा कि हम लंबे समय से हार को देखते रहे. हार के बाद हमने उससे सीखा पर कांग्रेस ने हार के अपनी समीक्षा न करके ईवीएम पर सब ठीकरा फोड़ दिया फिर राज्यपाल पर ठीकरा फोड़ रहे हैं. जितना ये करेंगे उतनी अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारेंगे. चुनाव आयोग ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि ऐसा कुछ नहीं है.

जेएनयू में लगे देशविरोधी नारों पर नकवी ने कहा कि अगर किसी संस्थान में देश के विरोध में नारे लगते हैं, आजादी और बर्बादी के नारे लगते हैं तो राहुल गांधी वहां पहुंच गए, तो क्या वो प्रखर देशभक्त हैं? जिस कांग्रेस ने देश को आजाद किया और जिन नेताओं ने देश के लिए कुर्बानी दी उसको कोई भूल नहीं सकता. गांधी जी ने आजादी के बाद कहा था कि कांग्रेस को तोड़ देना चाहिए वो इतने दिनों के बाद राहुल जी कर रहे हैं.  ये मैं कह सकता हूं, हमारा लोकतंत्र सबसे बेहतर है.

न्यूज18इंडिया चौपाल में बोले राजीव शुक्ला, राहुल कांग्रेस के लिए जरूरी हैं मजबूरी नहीं.

राजीव शुक्ला ने कहा कि अगर पहले सब कुछ खराब था तो बीजेपी ने सारी योजनाओं को अपना क्यों लिया? जीएमटी, आधार, मनरेगा सबको अपना लिया और अब कह रहे हैं कि हम इनको आगे बढ़ा रहे हैं. तो फिर कुशासन कहां रहा? फिर हमें क्यों कोस रहे हैं? इनको गाली देनी में पीएचडी है. विरोध करने में ये कुशल हैं. इन्होंने घोटालों पर बात की है लेकिन पौने तीन साल हो गए हैं आज तक कोई नहीं पकड़ा गया.

शुक्ला ने कहा कि हमने 2004 में 18 राज्य जीते थे. आपने अब गोव, मणिपुर में भी राज्यपाल के जरिए कब्जा कर लिया. 2009 में भी हम हम राहुल के नेतृत्व में जीते थे. शुक्ला ने कहा कि जितने भी गरीबों के लिए काम हुआ वो कांग्रेस के समय में हुए. राहुल कांग्रेस के लिए जरूरी हैं मजबूरी नहीं.

First published: March 18, 2017
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