मलेशिया में फंसा युवक, परिजन मदद के लिए लगा रहे हैं विदेश मंत्रालय से गुहार

ETV Rajasthan

First published: January 13, 2017, 5:27 PM IST | Updated: January 13, 2017, 5:27 PM IST
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मलेशिया में फंसा युवक, परिजन मदद के लिए लगा रहे हैं विदेश मंत्रालय से गुहार
फोटो-(ईटीवी)

कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर में चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा उपखंड का एक युवक मलेशिया में फंस गया है.

चेन्नई के एक दलाल के माध्यम से वह नौकरी करने के लिए मलेशिया गया था, लेकिन फर्जी वीजा के फेर में फंसकर धोखाधड़ी का शिकार हुआ युवक वापस अपने वतन नहीं लौट पा रहा है.

पिछले तीन माह से संपर्क नहीं होने के कारण परिजन चितिंत हैं और राज्य सरकार से लेकर विदेश मंत्रालय तक से मदद की गुहार लगा रहे हैं.

युवक का नाम जीयालाल है. फरवरी 2015 में चेन्नई के एक दलाल विनोद चौरसिया ने उसे मलेशिया में रोजगार दिलवाने के नाम पर जाल में फंसाया. फिर मोटी रकम लेकर फर्जी वीजा पर मलेशिया भिजवा दिया. अपने साथ हुए धोखे का जीयालाल को उस समय पता चला जब मलेशियन पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया.

अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में परिजनों के पास उसका फोन आया था और उसने वापस भारत लौटने की इच्छा जाहिर की थी, लेकिन पैसे की व्यवस्था नहीं होने के कारण यह संभव नहीं हो सका.

इस घटना को तीन माह से अधिक गुजर जाने के बाद भी अब उसका परिजनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है. कहीं से मदद नहीं मिलने पर परिजनों ने अपने परिचित पूर्व सरपंच कुशाल बारेशा को पूरी घटना बताई और उनके सहयोग से यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी, विधायक सुरेश धाकड़ और विदेश मंत्रालय तक अपनी पीड़ा पहुंचाई, लेकिन अभी तक कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है.

मामले के सामने आने के बाद पुलिस भी सक्रिय होकर पड़ताल कर रही है. परिजन जहां युवक जीयालाल के वापस आने की आस में सब जगह गुहार लगाने में लगे हुए हैं. वहीं आर्थिक मंदी से भी गुजर रहे हैं. बड़ा बेटा आनंद दिल्ली के एक कॉलेज में बीटेक के प्रथम वर्ष में अध्ययनरत है. वह भी कॉलेज नहीं जा पा रहा है.

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