रूक्टा अधिवेशनः सीएम राजे ने दी सौगात, अब कॉलेज शिक्षक बनेंगे प्रोफेसर

ETV Rajasthan

First published: January 11, 2017, 5:50 PM IST | Updated: January 11, 2017, 6:51 PM IST
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रूक्टा अधिवेशनः सीएम राजे ने दी सौगात, अब कॉलेज शिक्षक बनेंगे प्रोफेसर
राजस्थान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे. फोटो-(ईटीवी)

कॉलेज शिक्षकों की बरसों से खुद को प्रोफेसर कहलाने की तमन्ना अब पूरी हो सकेगी. बुधवार को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने आरयू के कॉन्वोकेशन सेंटर पर इसकी घोषणा की.

शिक्षक संघ रूक्टा राष्ट्रीय के प्रांतीय अधिवेशन में मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की इस घोषणा को पूरा करने के साथ ही प्रदेश के मुकबधिर, दृष्टिहीन छात्रों के लिए ग्लोबल सेंटर बनाने की बात भी कही. यूनिवर्सिटीज की तरह अब कॉलेजों के टीचर्स भी असिस्टेंट, एसोसिएट और प्रोफेसर की पदवी हासिल कर सकेंगे.

मुख्यमंत्री राजे ने अपने संबोधन में शिक्षकों को कहा कि सब मिलकर प्रदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प पूरा कर कर रहे हैं. सरकार ने तीन साल में स्वास्थ्य और शिक्षा पर खूब फोकस किया. शुरुआती दौर में स्कूली शिक्षा पर प्रभावी ध्यान दिया गया. अब सरकार का ध्यान उच्च शिक्षा और युवाओं के रोजगार पर है. यहीं कारण है कि हाल ही में कॉलेजों में 13 सौ व्याख्याताओं की भर्तियों की जा रही हैं.

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई नए कॉलेज खोले गए, कॉलेजों में नए विषयों को शुरू किया गया और पच्चीस फीसदी सीटें, 140 करोड़ छात्रवृत्तियां बांटी गई. कॉलेजों में दिसम्बर 2018 तक सभी रिक्त पद भरने की कोशिश है, शारीरिक शिक्षक और लाइब्रेरियन की भी भर्ती की जाएंगी.

उन्होंने कहा कि 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी, 10 लाख को कौशल विकास से रोजगार दिया गया, जबकि अब चार लाख से भी ज्यादा रोजगार और दे सकेंगे. उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी के प्रति लोगों को मानसिकता बदलनी होगी.

सीएम ने ये भी कहा कि सरकार मुकबधिर, दृष्ठिहीन और विकलांग विद्यार्थियों के लिए एक ग्लोबल इंस्टिट्यूट बनाया जाने की प्लानिंग कर रही हैं, जिससे उनके उच्च अध्ययन की राह आसान हो सके. राजे ने कॉलेज शिक्षकों को कहा कि वे महज ओपीनियन मेकर नहीं है, ब्लकि विद्यार्थियों का भविष्य बनाते हैं. शिक्षकों को अपने अध्ययन के साथ छात्रों के स्वरोजगार पर ध्यान देना चाहिए. स्कूल और कॉलेज में कौशल विकास पर देना जरूरी होगा. यहीं नहीं हमारी शोध जन उपयोगी बने और सरकार के कार्य आ सके. ऐसा प्रयास करना होगा.

शिक्षकों को अपने कर्तव्यों को ध्यान दिलाते हुए कहा कि शोध के लिए माहौल बने और छात्र कक्षाओं में आए इसे लेकर उन्हें प्रयास करने चाहिए.

वहीं मंत्री किरण माहेश्वरी ने कहा कि पंचायत लेवल पर 12वीं तक की स्कूलें खोली गई. अब ब्लॉक लेवल पर कॉलेज खोलने का प्रयास किया जा रहा हैं. उच्च शिक्षा में नए बदलाव सामने आ रहे हैं.

इधर, पदनाम परिवर्तन की घोषणा के बाद कॉलेज शिक्षकों में खुशी की लहर देखने को मिली. शिक्षकों ने कहा कि सालों से इस मांग के पूरे होने का इंतजार था जो आज पूरा हो सका. समारोह में पूर्व कुलपति जेपी सिंघल समेत बड़ी संख्या में कॉलेज शिक्षक मौजूद रहे.

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