जवान की आपबीती: सीआरपीएफ कैंप में मरे मुर्गे का परोसा जाता है मीट

Chain Singh Tanwar | ETV Rajasthan

First published: January 13, 2017, 12:18 PM IST | Updated: January 13, 2017, 12:18 PM IST
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जवान की आपबीती: सीआरपीएफ कैंप में मरे मुर्गे का परोसा जाता है मीट
सीआरपीएफ के पूर्व सैनिक संतोष कुमार मीणा. फोटो-(ईटीवी)

बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव के वीडियो मैसेज में खराब खाने को लेकर लगाए आरोपों पर उठे बवाल के बाद अब सीआरपीएफ के पूर्व जवान ने अफसरों पर संगीन आरोप लगाए हैं.

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यह जवान राजस्थान के बारां जिले में अटरू उपखंड क्षेत्र के आलमपुरा का रहने वाला है और उसका नाम संतोष कुमार मीणा है. किडनी फेल हो जाने के कारण संतोष पिछले एक महीने से चारपाई पर लेटा है.

संतोष 2 फरवरी 2006 को सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे, जिन्होंने खराब खाना और अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आंकर 19 जुलाई 2010 को नौकरी छोड़ दी थी.

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उन्होंने बताया, 'सीआरपीएफ में कमीशनखोरी होती है. इसके चलते जवानों को मरे हुए मुर्गों का मीट और इल्लियां (घुन के जैसा लाल रंग का कीड़ा) वाले आटे की रोटियां खिलाई जाती हैं.'

यहां तक कि सैनिकों के लिए आने वाली खाने के सामान को बड़े अधिकारी बाजार में बेच देते हैं. यदि कोई इसकी शिकायत करता है तो अधिकारियों के निशाने पर वह आ जाता है.

सीआरपीएफ में कमीशनखोरी होती है. जवानों को मरे हुए मुर्गों का मीट और इल्लियां वाले आटे की रोटियां खिलाई जाती हैं.
संतोष कुमार[/name]

संतोष ने बताया कि इस तरह की घटना उनके साथ भी हुई. अधिकारियों ने उसे खूब प्रताड़ित किया. इसके बाद उन्होंने परेशान होकर नौकरी छोड़ दी.

उन्होंने कहा, 'मेरी नौकरी छोड़ने के बाद किडनी फेल हो गई. ऑपरेशन के लिए इधर-उधर से पैसे उधार लिए. इसके चलते मेरी पत्नी और दो बच्चों सहित बुजुर्ग माता-पिता के भूखे मरने की नौबत आ गई है.'

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इस सबंध में संतोष ने कई बार सीआरपीएफ के हेड ऑफिस में जाकर नौकरी के दौरान कटी हुई राशि दिए जाने की गुहार लगाई, लेकिन अभी तक किसी के ने भी तकलीफ पर ध्यान नहीं दिया.

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