बीएसएफ में मिलता है सप्ताह में 5 दिन स्पेशल खाना, चिकन-मटन और खीर-हलवा

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First published: January 12, 2017, 8:30 PM IST | Updated: January 12, 2017, 8:32 PM IST
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बीएसएफ में मिलता है सप्ताह में 5 दिन स्पेशल खाना, चिकन-मटन और खीर-हलवा
रिटायर्ड हवलदार सत्यबीर सिंह.

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में जवानों को घटिया नहीं बल्कि सेना की अन्य सभी यूनिटों से भी बेहतरीन खाना मिलता है.

यह कहना है बीएसएफ में करीब 24 साल सेवाएं देने वाले राजस्थान के रिटायर्ड हवलदार सत्यबीर सिंह का. चूरू जिले के सत्यबीर कहते हैं के जवान तेज बहादुर के वायरल वीडियो में कितनी सच्चाई है और उसके साथ वहां कैसी परिस्थितयां रही ये तो उन्हें नहीं पता लेकिन उनके सेवाकाल में ऐसे हालात कभी नहीं नजर आए.

उल्लेखनीय है कि बीएसएफ जवान तेज बहादुर का एक वीडियो वायरल हो गया है जो जिसमें बीएसएफ में घटिया खाना मिलने की बात कही गई है. तेज बहादुर ने यह वीडियो फेसबुक पर जारी किया था. इसमें खराब खाना दिए जाने की शिकायत की थी. इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय ने गृह मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी है.

सप्ताह में 5 दिन स्पेशल डाइट

तेज बहादुर के वीडियो के बिल्कुल उलट रिटायर्ड हवलदार सत्यबीर बताते हैं बीएसएफ में रहते हुए उन्हें खाने को लेकर कभी ऐसी शिकायत नहीं रही. उन्होंने बताया कि बीएसएफ में सप्ताह में पांच दिन स्पेशल खाना मिलता है. जवानों को इन पांच दिन चिकन-मटन और पनीर की सब्जियां दी जाती हैं. एक दिन खीर-हलवा बनता है.

मेस कमेटी तय करती है खाने का मेनू

रिटायर्ड हवलदार सत्यबीर के अनुसार कंपनी में खाना महीने भर के तय मेनू के मुताबिक बनता है. इसके लिए एक मेस कमेटी बनाई जाती है जिसका चयन हर महीने होता है. इसमें जवान भी शामिल होते हैं. सत्यबीर कहते है, 'मैं जवान होते हुए कई बार मेस इंचार्ज रहा हूं. चूंकि मेनू के अनुसार बेहतर खाना जवानों को मिलता था इसलिए मुझे बार-बार मेस इंचार्ज बनाया जाता था. महीना पूरा होने पर कमेटी मेस का पूरा लेखा-जोखा पेश करती और तब जवानों से भी खाना को लेकर फीडबैक लिया जाता था' सत्यबीर के अनुसार खाने से जवान यदि असंतुष्ट होते तो कमेटी को अफसर हिदायत देते हैं और नई कमेटी को पिछली खामियां नहीं दोहराने के निर्देश भी.

जवान की बात सुनी जाती है, तेज बहादुर का तरीका सही नहीं

सत्यबीर का कहना है कि मेस के खाने से किसी जवान को कोई दिक्कत होती है तो उसे कंपनी कमांडर तक बात रखने की पूरी छूट होती है. वो बताते हैं के उनके सेवाकाल में भी कई बार शिकायतें की गई थी और अफसरों तक पर कार्रवाई की गई. बीएसएफ में जवान की बात हमेशा से सुनी जाती है. लेकिन तेज बहादुर का सोशल मीडियो पर इस तरह से शिकायत करना ठीक नहीं. हालांकि इस कदम के पीछे तेज बहादुर की क्या मंशा या मजबूर रही है वो नहीं जानते.

ये है बीएएसएफ में खाने का मेनू

दिन⇰नाश्ता⇰दोपहर का खाना⇰रात का खाना

रविवार⇰छोले-भटूरे⇰कढ़ी/सांभर, सलाद, रोटी, चावल,पापड़⇰दो अंडे / केले या अन्य फल(शाकाहारी के लिए), रोटी, चावल, सब्जी

सोमवार⇰सादा पराठा, सब्जी⇰दो सब्जी, दाल, सलाद/रायता, रोटी, चावल⇰ मीट (चिकन या मटन)/ पनीर की सब्जी(शाकाहारी के लिए), रोटी, चावल, सब्जी

मंगलवार⇰हलवा, रोटी(पूड़ी)⇰दो सब्जी, दाल, सलाद/रायता, रोटी, चावल⇰खीर, आलू-छोले/आलू-मटर सब्जी, एक फल, रोटी, चावल

बुधवार⇰पूड़ी,सब्जी⇰दो सब्जी, दाल, सलाद/रायता, रोटी, चावल⇰मीट (चिकन या मटन)/ पनीर की सब्जी(शाकाहारी के लिए), रोटी, चावल, सब्जी

गुरुवार⇰आलू पराठा, चाय (दही कभी-कभार)⇰दो सब्जी, दाल, सलाद/रायता, रोटी, चावल⇰दाल, सब्जी, रोटी, चावल

शुक्रवार⇰पोहा, पराठा⇰दो सब्जी, दाल, सलाद/रायता, रोटी, चावल⇰ मछली/ पनीर की सब्जी(शाकाहारी के लिए), रोटी, चावल, सब्जी

शनिवार⇰पालक/मैथी पराठा, चाय⇰सब्जी, दाल, सलाद/रायता, रोटी, चावल⇰मीट (चिकन या मटन)/ पनीर की सब्जी(शाकाहारी के लिए), रोटी, चावल, सब्जी

(खाने का मेनू जैसा रिटायर्ड हवलदार सत्यबीर सिंह ने बताया.)

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