'पुलिस थानों में संवेदनशीलता के साथ नहीं सुने जा रहे महिलाओं के मामले'

Rakesh Mitwa | ETV Rajasthan

First published: January 11, 2017, 5:22 PM IST | Updated: January 11, 2017, 6:53 PM IST
facebook Twitter google skype whatsapp
'पुलिस थानों में संवेदनशीलता के साथ नहीं सुने जा रहे महिलाओं के मामले'
राजस्थान राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा सुमन शर्मा. फोटो-(ईटीवी)

राजस्थान राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा सुमन शर्मा ने कहा है ज्यादातर महिलाओं से जुड़े मामले पुलिस थानों में संवेदनशीलता के साथ नहीं सुने जा रहे हैं, इसलिए जरूरी है कि पुलिस के लिए महिला मामलों में और ज्यादा संवेदनशील व जवाबदेह होना पड़ेगा.

श्रीगंगानगर में एक कार्यक्रम में शरीक होने आई राज्य महिला आयोग की सदस्या सुमन शर्मा ने जिला कलेक्टर कार्यालय में महिला जन सुनवाई में महिला मामलों की जानकारी ली और उनके परिवाद सुने.

20 परिवादों में सुमन शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को मामले के लिए र्देश दिए. इस मौके पर राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के लिए लिए नवाचार के रूप में जयपुर में लागू विशेष एप 'राज महिला एप' को श्रीगंगानगर में भी लागू करने की बात कही.

पत्रकारों से बातचीत में आयोग अध्यक्षा शर्मा ने कहा कि आज के दौर में हमें जवाब देह होना होगा. साथ ही पुलिस विभाग को भी महिला मामलों को लेकर ज्यादा जवाब देह होना पड़ेगा. गुजरात की तर्ज पर गांवों में महिला मामलों को लेकर विशेष कमेटी बनेगी जो महिला मामलों को त्वरित गति से निपटाएगी.

उन्होंने कहा कि राज्य में 32 हजार मामलों के लंबन के साथ उन्होंने कार्य शुरू किया. मगर, आज लगातार कड़ी मेहनत के साथ ये संख्या मात्र 6 हजार रह गई है. इसका मतलब है कि आयोग लगातार कार्य कर रहा है.

जन सुनवाई के अवसर पर जिला कलेक्टर ज्ञानाराम सहित जिले के तमाम विभागों के अधिकारियों और भाजपा के अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद थे.

facebook Twitter google skype whatsapp