कोच चयन प्रकरण से त्रिमूर्ति की साख को लगा सबसे बड़ा धक्का!

News18Hindi
Updated: July 14, 2017, 12:35 PM IST
कोच चयन प्रकरण से त्रिमूर्ति की साख को लगा सबसे बड़ा धक्का!
BCCI की ओर से टीम इंडिया के कोच के चुनाव में काफी माथा-पच्ची देखने को मिल रही है. (file photo)
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Updated: July 14, 2017, 12:35 PM IST
रवि शास्त्री का टीम इंडिया का नया कोच होना किसी के लिए चौंकाने की बात नहीं थी, अगर आप सौरव गांगुली, सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण नहीं हैं तो. एक महीने से ज़्यादा समय तक नए कोच के चयन में एक से बढ़कर एक नए नाटक हुए. यू टर्न आए और आखिरकार जीत विराट कोहली और 'रवि भाई' की जोड़ी की ही हुई.

आप खुद सोचिए कि अगर भारतीय क्रिकेट की सबसे बड़ी त्रिमूर्ति को ईमेल लिखकर बीसीसीआई को ये कहने की ज़रूरत पड़ी कि उन्होंने नए कोच के चयन में पार्दरशिता रखी और राहुल द्रविड़-ज़हीर ख़ान को टीम इंडिया से जोड़ने का फैसला शास्त्री पर अपने स्पोर्ट स्टाफ थोपने जैसा नहीं था. ये शायद पहली बार हुआ जब भारतीय क्रिकेट की इस त्रिमूर्ति को मीडिया में इतना कुछ सुनना-सहना पड़ा.

पूर्व क्रिकेटरों ने भी तिकड़ी को जमकर लताड़ा
पूर्व क्रिकेटरों ने भी इस बार तिकड़ी को जमकर लताड़ा. टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और मुख्य चयनकर्ता रह चुके कृष्णामाचारी श्रीकांत ने बताया कि दरअसल पूरा मामला जानबूझकर खेला गया एक नाटक था. श्रीकांत के मुताबिक जैसे ही कोहली ने शास्त्री की मांग की उनका नया कोच बनना तय था और ऐसे में क्रिकेट सलाहकार समिति ने सबको बेवकूफ बनाने की कोशिश की. टीम इंडिया के एक और पूर्व दिग्गज ईरापल्ली प्रसन्ना ने भी दूसरे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कमोबेश वही बात दोहरायी जो श्रीकांत का तर्क है. टीम इंडिया के एक और पूर्व खिलाड़ी और मुख्य चयनकर्ता रह चुके संदीप पाटिल ने तो एक कदम और आगे जाकर यहां तक कह डाला, ' होंगे ये तीनों बेहद बड़े खिलाड़ी लेकिन कोच चुनने की काबिलियित इनमें कब से आ गई'.

वापसी के लिए किया वक्त का इंतज़ार
दरअसल, 2016 में शास्त्री का करार जब दोबारा होना लगभग तय था तो गांगुली ने अनिल कुंबले को अचानक दौड़ में ना सिर्फ शामिल कराया बल्कि पद भी दिला दिया. ये बात ना सिर्फ शास्त्री को नागवार गुज़री बल्कि कप्तान कोहली भी ख़फा थे. जैसे तैसे करके कोहली-शास्त्री को जोड़ी ने एक साल को किसी तरह से काटने का फैसला किया. बहरहाल, कोहली ने पहले तीन महीने के बाद ही ये तय कर लिया था कि कुंबले लंबे समय तक टीम इंडिया के साथ नहीं रह सकते हैं.

सहवाग भी त्रिमूर्ति से हैं मायूस!
बहरहाल, कुंबले का बाहर होना अब तय था और ऐसे में गागुंली चाहते थे कि शास्त्री की दोबारा किसी कीमत पर वापसी नहीं हो और इसलिए वीरेंद्र सहवाग को रेस में घुसा दिया गया. इसके लिए बीसीसीआई के एक टॉप अधिकारी की मदद भी ले गई. लेकिन, जिस तरह से सहवाग का पूरे मामले में इस्तेमाल हुए उससे वो भी इस त्रिमूर्ति से नाराज़ ही होंगे.

शास्त्री ने ले लिया गांगुली से निजी बदला?
आखिरी लम्हों तक गांगुली की कोशिश यही रही कि शास्त्री कोच नहीं बने और इसके लिए वो सार्वजनिक तौर पर लगातार ऐसे ब्यान देते रहे जिससे ये साफ हो गया कि अगर कोहली जब तक खुलकर शास्त्री नहीं मांगेगे, उन्हें शास्त्री नहीं दिया जाएगा. आखिरकार, कोहली का सब्र भी टूट ही गया. जब क्रिकेट संचालक समिति के चैयरमैन विनोद राय ने क्रिकेट सलाहकार समिति को एक दिन के भीतर नए कोच के ऐलान करने का सख्त निर्देश दिया तो गांगुली और उनके साथियों के पास कोई चारा नहीं बचा. असर जल्द ही गांगुली पर हुआ और उन्होंने शास्त्री के साथ-साथ कोहली को उपहार के तौर पर द्रविड़ औऱ ज़हीर भी थमा दिए.

द्रविड़- गांगुली नहीं जाएंगे श्रीलंका?
लेकिन, शास्त्री ने कौन सी कच्ची गोलियां खेली थीं. उन्होंने ये साफ कर दिया है कि सपोर्ट स्टाफ चुनने का हक पूरी तरह से उनका है. इस पूरे मसले पर ना तो ज़हीर और ना ही द्रविड़ का कोई आधिकारिक ब्यान अब तक आया है. बीसीसीआई के एक धड़े ने आनन-फानन में ये कहने में भी देर नहीं लगाई कि ज़हीर और द्रविड़ सिर्फ विदेशी दौरे पर सलाहकार के तौर पर जुड़ेंगे. उससे भी अहम बात ये कही गई कि ये ज़रूरी नहीं है कि हर विदेशी दौरे पर भी वो जायें और इसका फैसला मौके और ज़रूरत के हिसाब से कोहली और शास्त्री ही तय करेंगे.

हर विदेशी दौरे पर अलग सलाहकार जुड़ेंगे टीम इंडिया से?
शास्त्री ने भी एक कदम आगे बढ़ाते हुए ये सुझाव दिया कि सिर्फ द्रविड़ और ज़हीर ही क्यों हमें जब विदेश का दौरा करना है तो उस मुल्क की चुनौती को ध्यान में रखते हुए स्थानीय एक्सपर्ट को शामिल किया जाए. मसलन, साउथ अफ्रीका दौरे के लिए फैनी डि विलियर्स जैसे पूर्व तेज़ गेंदबाज़ को तो इंग्लैंड दौरे के लिए ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ जैसन गिलेस्पी को. इसका मतलब ये साफ हुआ कि शास्त्री फुल टाइम गेंदबाज़ी कोच के तौर पर अपने चहेते भरत अरुण की वापसी ज़रूर कराएंगे.
First published: July 14, 2017
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