जब क्रिकेट के मक्का में 'दादा' ने लहराई थी टी शर्ट

News18Hindi
Updated: July 13, 2017, 3:03 PM IST
जब क्रिकेट के मक्का में 'दादा' ने लहराई थी टी शर्ट
Ganguly's Famous Shirt Wave On The Lord's Balcony
News18Hindi
Updated: July 13, 2017, 3:03 PM IST
मैं सांसें थामे मैच देख रहा था. तारीख थी 13 जुलाई 2002 नेटवेस्ट ट्रॉफी का फाइनल चल रहा था वो भी क्रिकेट के मक्का लॉर्ड्स के मैदान पर. इंग्लैंड ने ओपनर मार्कस ट्रेस्कॉथिक और कप्तान नासिर हुसैन की सेंचुरी के दम पर 325 रन का स्कोर बनाया था.

उस समय 326 रन का लक्ष्य काफी कठिन था. कप्तान सौरव गांगुली ने वीरेंद्र सहवाग के साथ मिलकर टीम को बेहतरीन शुरुआत दी और 106 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप निभायी.

15वें ओवर में एलेक्स टुडोर ने उन्हें क्लीन बोल्ड कर आउट कर दिया. अगले ओवर में सहवाग भी 45 रन के निजी स्कोर पर एश्ले जाइल्स का शिकार बन बैठे. 106/1 के स्कोर वाली भारतीय टीम अचानक 146/5 के स्कोर तक पहुंच गई थी.

उम्मीदें ख़त्म हो गई थीं पर दिल जो था अभी भी धड़क रहा था. शायद कोई चमत्कार हो जाए. युवराज और मोहम्मद कैफ़ क्रीज पर थे. दोनों ने मिलकर छठे विकेट के लिए 121 रन की साझेदारी निभाई.

42वें ओवर में युवराज 69 रन बनाकर पॉल कॉलिंगवुड की गेंद पर आउट हो गए, लेकिन कैफ ने एक छोर से मोर्चा संभाले रखा.

50वें ओवर की तीसरी गेंद पर दो रन दौड़कर कैफ़ और जहीर खान ने इंडिया को 2 विकेट की यादगार जीत दिलाई.

मैच तो खत्म हुआ लेकिन पिक्चर अभी बाकी थी. गांगुली ने जीत के बाद अपनी टी शर्ट उतारकर हवा में लहराया तो मानों पूरे भारत में जोश भर गया. गांगुली से पहले उसी साल फ्लिंटॉफ ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत के खिलाफ वनडे मैच में मिली जीत के बाद अपनी टी शर्ट हवा में लहराया था. तब दादा ने अपने अंदाज में उसका जवाब दिया.

इसके लिए गांगुली की आलोचना भी हुई थी. कई लोगों ने इसे लॉर्ड्स मैदान का अपमान बताया था. हालांकि अपनी आलोचना पर गांगुली ने कहा था, यदि आपके लिए लॉर्डस मक्का है तो हमारे लिए वानखड़े इंडियन क्रिकेट का मक्का है.

First published: July 13, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर