क्या सचिन जैसा कमाल दिखा पाएंगे अर्जुन, या फिर...?

News18India.com
Updated: January 10, 2013, 9:32 AM IST
क्या सचिन जैसा कमाल दिखा पाएंगे अर्जुन, या फिर...?
पहली बार अर्जुन तेंदुलकर को वेस्ट जोन मुकाबलों के लिए मुंबई अंडर-14 टीम में जगह मिली है। करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों को उनसे सचिन जैसे प्रदर्शन की उम्मीद है।
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Updated: January 10, 2013, 9:32 AM IST
नई दिल्ली। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के के बेटे अर्जुन तेंदुलकर का नाम काफी समय से क्रिकेट जगत में लिया जाता रहा है। अपने स्कूल की तरफ से खेले जाने वाली उनकी हर बड़ी पारी को हमेशा सुर्खियां मिलीं। क्रिकेट प्रेमियों को अर्जुन तेंदुलकर से ये उम्मीद रही है कि एक दिन वो भी अपने पिता की तरह बुलंदियों पर पहुंचेंगे और एक बडा़ नाम साबित होंगे।

अब स्कूली बाउंड्री पार करते हुए पहली बार अर्जुन ने वेस्ट जोन मुकाबलों के लिए मुंबई अंडर-14 टीम में जगह बनाई है। करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों को उनसे आसमान जितनी ऊंची उम्मीदें हैं। क्या अर्जुन उम्मीदों पर खरे उतरेंगे, क्या वो अपने पिता के नाम को आगे ले जाएंगे? पुराने अनुभवों के देखें तो निराशाजनक तस्वीर उभरकर सामने आती है। नजर डालते हैं कुछ ऐसे क्रिकेटरों पर जो अपने पिता के नाम को आगे नहीं ले जा पाए।

रोहन गावस्कार: महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर के बेटे रोहन गावस्कर बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने का इनाम उन्हें टीम इंडिया में सेलेक्शन से भी मिला। 2004 में उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए चुना गया। इसी साल उन्होंने अपना डेब्यू किया, लेकिन महज 11 वनडे खेलने के बाद ही वो टीम से बाहर हो गए।

श्रीकांत अनिरुद्ध: आक्रामक बल्लेबाज और पूर्व चयनकर्ता के श्रीकांत के बेटे श्रीकांत अनिरुद्ध भी कुछ खास नहीं कर सके। कुछ घरेलू मैचों में उन्होंने अच्छी पारियां जरूर खेलीं। इसके अलावा उन्होंने अंडर 19 टीम की तरफ से भी खेला। लेकिन उनका प्रदर्शन टीम इंडिया में उनके लिए जगह नहीं बनवा सका। फिलहाल अनिरूद्ध आईपीएल चेन्नई सुपरकिंग्स की ओर से खेलते हैं।

स्टुअर्ट बिन्नी: ऑलराउंडर रोजर बिन्नी के बेटे स्टुअर्ट बिन्नी भी पिता का नाम आगे नहीं बढ़ा सके। स्टुअर्ट भी घरेलू क्रिकेटर ही बनकर रह गए। कर्नाटक की तरफ से रणजी खेलने वाले स्टुअर्ट 2007 में इंडियन क्रिकेट लीग से जुड़े। 2010 में स्टुअर्ट ने आईपीएल में मु्ंबई इंडियंस की तरफ से खेलना शुरू किया।

अर्जुन यादव: पूर्व क्रिकेटर शिवलाल यादव के बेटे अर्जुन यादव भी घरेलू क्रिकेट में ही नाम कमा पाए। 1999-2000 में श्रीलंका में हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप टीम में उन्हें चुना गया था। लेकिन उन्होंने एक भी ऐसा मैच नहीं खेला जिसमें भारत जीता हो। फिलहाल अर्जुन आईपीएल में व्यस्त हैं और डेक्कन चार्जर्स की तरफ से खेलते हैं।

अंगद बेदी: महान स्पिनर बिशन सिंह बेदी के पुत्र अंगद यादव शुरुआती दौर में क्रिकेट से जुड़े, लेकिन करीब 20 साल की उम्र में उन्होंने मॉडलिंग की तरफ रुख कर लिया। उन्होंने फिल्म ‘फालतू’ में काम करने के अलावा मशहूर रियलिटी शो ‘इमोशनल अत्याचार’ को होस्ट किया। अंगद आईपीएल से कमेंटेटर के रूप में भी जुड़े।

कुणाल लाल: पूर्व ऑलराउंडर मदनलाल के बेटे कुणाल लाल के लिए भी सुर्खियां बटोरने का मौका कम ही आया। इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने 2004 में अपनी शुरुआत तो अच्छी की थी, लेकिन दिल्ली क्रिकेट टीम में नजरअंदाज किए जाने पर उन्होंने आईसीएल की राह पकड़ ली और फिर गुमनामी में खो गए।

सवाल है कि क्या अर्जुन अपने पिता की विरासत को लेकर आगे जा पाएंगे। इस दौर में कई युवा प्रतिभाएं भारतीय टीम का दरवाजा खटखटा रही हैं। ऐसे में अर्जुन के लिए खुद को साबित कर पाना बड़ी चुनौती होगी।




First published: January 10, 2013
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