आखिर यहां से कैसे उभर रहे हैं तेज गेंदबाजी के नए फनकार?

News18India
Updated: January 10, 2013, 2:13 PM IST
आखिर यहां से कैसे उभर रहे हैं तेज गेंदबाजी के नए फनकार?
रवीण कुमार से भुवनेश्वर कुमार और शमी अहमद तक, भारतीय क्रिकेट में हाल के दिनों में स्विंग गेंदबाजी के नए फनकार उभर कर आ रहे हैं।
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Updated: January 10, 2013, 2:13 PM IST
नई दिल्ली। प्रवीण कुमार से भुवनेश्वर कुमार और शमी अहमद तक, भारतीय क्रिकेट में हाल के दिनों में स्विंग गेंदबाजी के नए फनकार उभर कर आ रहे हैं। ये फनकार उस मिट्टी से है जो तेज गेंदबाजी के लिए जानी नहीं जाती है। अगर भारतीय क्रिकेट में मुंबई और दिल्ली बल्लेबाजों के लिए जाने जाते हैं तो अब पश्चिमी उतर प्रदेश तेज गेंदबाजों के लिए जाना जा रहा है।

भुवनेश्वर और शमी ये वो दो नए नाम हैं जिनके कंधों पर गेंदबाजी को रफ्तार और विरोधियों को मात देने की जिम्मेदारी है। माना जाता है कि यूपी के इस पश्चिमी इलाके में जुझारू और कुछ कर गुजरने का जज्बा ही एक एक लड़ाका क्रिकेटर बनाता है।

यूनिस खान का विकेट छितराकर भुवनेश्वर कुमार ने पूर्व पाक कप्तान वसीम अकरम को भी अपना कायल कर लिया। लेकिन भारतीय क्रिकेट का दरवाजा ये गेंदबाज दो साल से खटखटा रहा था। मेरठ के भुवनेश्वर कुमार अगर अपनी स्विंग के लिए सुर्खियां बटोर रहे हैं तो मुरादाबाद के शमी अहमद अपनी सधी हुई लाइन और लेंथ से सबको प्रभावित करने में सफल रहे। बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले शमी जब पहला वन डे खेलकर अमरोहा पहुंचे तो दिल्ली लखनऊ हाइवे पर पांच किलोमीटर का जाम लग गया।

सब जानना चाह रहे हैं कि आखिर पश्चिम उतर प्रदेश अचानक गेंदबाजों की फैक्ट्री कैसे बन गई है। जवाब शायद मेरठ, मुरादाबाद, अमरोहा जैसे शहरों की मिट्टी में भी छिपा हो। बेहतरीन खुराक और बचपन से कसरत के आदी इस जमीन के लड़के शारीरिक तौर पर मजबूत होते हैं। इन इलाकों की पहचान अपने पहलवानों से थी। लेकिन अब अखाड़ों के साथ साथ अब ये लड़के मैदान का रुख कर रहे हैं। अपने बल्लों के लिए मशहूर मेरठ अब भारतीय क्रिकेट को गेंदबाज देने लगा है।

First published: January 10, 2013
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