ब्रदर्स फ्रॉम वडोदरा: ढलान पर पठान, चढ़ाव पर पंड्या

News18Hindi
Updated: April 20, 2017, 6:05 PM IST
ब्रदर्स फ्रॉम वडोदरा: ढलान पर पठान, चढ़ाव पर पंड्या
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Updated: April 20, 2017, 6:05 PM IST
मुंबई इंडियंस ने आईपीएल के इतिहास में पहली बार इतनी शानदार शुरुआत की है जहां पर उन्होंने पहले 5 में से 4 मैच जीते. किंग्स XI पंजाब के खिलाफ गुरुवार का मैच वो जीतते हैं तो फिर से अंक तालिका में टॉप पर पहुंच सकते हैं. बल्लेबाजी में अगर नीतिश राना और किरॉन पोलार्ड ने शानदार खेल दिखाया है तो गेंदबाजी में हरभजन सिंह और मिचेल मैक्कलेघन का भी जवाब नहीं.

लेकिन इन सबके बीच वडोदरा के दो भाइयों ने गेंद और बल्ले, दोनों से ही नाजुक लम्हों में शानदार खेल दिखाकर मुंबई की जीत के सिलसिले में शायद सबसे अहम भूमिका अदा की है.

मुंबई इंडियंस से बदली किस्मत

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2015 में मुंबई इंडियंस के लिए अपने पहले ही सीजन में तहलका मचाने वाले हार्दिक पंड्या को एक साल के भीतर ही टीम इंडिया से भी खेलने का मौका मिल गया था. लेकिन, हार्दिक की इस कामयाबी के पीछे उनके बड़े भाई क्रुणाल का अहम योगदान रहा था. हालांकि, खुद अनफिट होने के चलते क्रुणाल आईपीएल नहीं खेल पाए.

बहरहाल, अपने छोटे भाई हार्दिक की ही तरह क्रुणाल की सबसे बड़ी ताकत है उनका हौसला. लगातार फिटनेस से जूझने के बावजूद उनका आत्म-विश्वास कभी पस्त नहीं हुआ और वडोदरा के लिए घरेलू क्रिकेट में अपने शानदार फॉर्म से उन्होंने बेहतर आईपीएल की उम्मीदें जगाई थीं और इस पर वो अब तक खरे ही साबित हुए हैं.

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मुंबई के लिए छाए हुए हैं 'वडोदरा के इंडियंस'

क्रुणाल पंड्या के लिए अब तक आईपीएल का सफर अपने छोटे भाई हार्दिक से भी बेहतर रहा है. मुंबई के लिए फिलहाल क्रुणाल टॉप तीन बल्लेबाजों में शुमार हैं तो गेंदबाजी में वो टॉप 2 में शामिल हैं. बल्लेबाजी में हार्दिक अब तक 5 मैचों में एक बार भी आउट नहीं हुए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 225 का है. गेंदबाजों में भी हार्दिक अपनी टीम के तीन सबसे किफायती गेंदबाजों में शुमार हैं.

पठान भाइयों का ग्राफ गिरा, पंड्या भाइयों का चढ़ा

कुल मिलाकर देखा जाए तो इस सीजन दोनों भाइयों ने वैसी ही धूम मचा रखी है, जैसी आज से कुछ साल पहले वडोदरा के पठान भाइयों (इरफान और यूसफ) ने मचाई थी. इसे अजीब ही इत्तेफाक कहा जाएगा कि जैसे-जैसे पठान भाइयों का ग्राफ गिरता गया, वैसे-वैसे ही पंड्या भाइयों का ग्राफ ऊपर चढ़ता गया. आज इरफान आईपीएल में नहीं खेल रहें तो यूसूफ को भारत के लिए आखिरी बार खेलने का मौका 5 साल पहले मिला था.

पठान बंधुओं से मिलती-जुलती पंड्या भाइयों की कहानी

Image Source: KKR
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जिस तरह से पहले छोटे भाई इरफान ने ऑलराउंर के तौर पर देश के लिए पहले खेलने का मौका पाया, ठीक वैसे ही छोटे भाई हार्दिक मौजूदा समय में टीम इंडिया का हिस्सा बने. इरफान की कामयाबी के बाद बड़े भाई यूसूफ को भी अतंतराष्ट्रीय क्रिकेट में खेलने का मौका मिला और ये उम्मीद करना बेमानी नहीं होगी कि भविष्य में क्रुणाल भी अपने छोटे भाई हार्दिक के साथ टीम इंडिया में नजर आए.

अगर इरफान बायें हाथ के तेज गेंदबाज रहें तो हार्दिक दायें हाथ के पेस बॉलर हैं. यूसूफ दायें हाथ के ऑफ स्पिन गेंदबाज है तो क्रुणाल बायें हाथ स्पिन गेंदबाजी करते हैं.

वडोदरा के इन दोनों भाइयों को अपने करियर के शुरुआती दौर में पठान भाइयों से जबरदस्त प्रेरणा और मदद भी मिली. एक और समानता इन खिलाड़ियों में ये रही है कि ये सभी साधारण परिवार से आए लेकिन इन्होंने इसका असर न अपने  खेल पर पड़ने दिया और ना ही जज्बे पर.

आईपीएल में जो पठान बंधु ना कर सके, पंड्या भाइयों के पास है वो मौका

बहरहाल, पंड्या भाइयों के पास एक ऐसा कमाल करने का मौका है जो पठान भाई भी आईपीएल में कभी नहीं कर पाए. पठान भाई कभी भी एक साथ किसी एक टीम के लिए ना तो खेले और ना ही साथ ट्रॉफी उठाने का मौका मिला. लेकिन, इस सीजन में पंड्या भाइयों के सामने अपने दम पर मुंबई इंडियस को खिताबी जीत दिलाने का शानदार मौका है.

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लेकिन, पठान बंधु के इस रिकॉर्ड की बराबरी करना होगी असली चुनौती

लेकिन, पंडया भाई सिर्फ अपने आप को आईपीएल की कामयाबी तक ही सीमित नहीं रखना चाहेंगे. अगर दोनों भाई भविष्य में भारत के लिए नियमित तौर पर खेलने लगते हैं तो उनका लक्ष्य एक बार फिर पठान भाइयों के उस रिकॉर्ड की बराबरी करने की होगी जो हर खिलाड़ी का सपना होता है. 2007 में जब टीम इंडिया वर्ल्ड चैंपियन बनी थी तो पठान बंधु उस टीम का हिस्सा थे और भविष्य में पंड्या भाई भी ऐसी ही कामयाबी हासिल करना चाहेंगे.
First published: April 20, 2017
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