एक ऐसा कोच जिसने पाकिस्तान के अधूरे सपने को पूरा किया...पढ़ें उनकी अनोखी दास्तां

Ruhee Parvez | News18Hindi
Updated: June 20, 2017, 5:54 PM IST
एक ऐसा कोच जिसने पाकिस्तान के अधूरे सपने को पूरा किया...पढ़ें उनकी अनोखी दास्तां
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Ruhee Parvez | News18Hindi
Updated: June 20, 2017, 5:54 PM IST
क्रिकेट एक ऐसा खेल है जो अनिश्चितताओं से भरा है. ठीक ऐसा ही चैंपियंस ट्रॉफी में अंडर-डॉग मानी जा रही पाकिस्तान क्रिकेट टीम के साथ हुआ जब उसने खिताब की मज़बूत दावेदार टीम इंडिया को बुरी तरह शिकस्त दी. लेकिन पाक टीम की चैंपियन बनने की कहानी में कोच मिकी आर्थर ने भी अहम भूमिका निभाई.

आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का पिछला टूर्नामेंट यानी 2013 का अंत मिकी आर्थर के बतौर ऑस्ट्रेलियाई कोच की बरखास्ती से हुआ था. ऑस्ट्रेलिया के कोच पद से हटाने के चार साल बाद मिकी आर्थर ने उसी टूर्नामेंट और उसी मैदान पर अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि का जश्न मनाया.

आर्थर पाकिस्तान टीम के लिए एक अच्छे कोच साबित हुए. जिसने खिलाड़ियों के हुनर को पहचाना, टीम को एकसाथ रखा और जीत की प्लानिंग की. पाकिस्तान को भी कोच आर्थर के रूप में ऐसा कोच मिला जिसने उनके 25 साल पुराने सपने को पूरा कर दिखाया. तो ये है कोच मिकी आर्थर की अनोखी कहानी...

दक्षिण अफ्रीका के पांच साल रहे कोच

मिकी आर्थर का जन्म दक्षिण अफ्रीका में हुआ था. लेकिन उन्हें कभी अपनी राष्ट्रीय टीम से खेलने का मौका नहीं मिल पाया. उन्होंने 110 फर्स्ट क्लास मैच खेले और 6657 रन बनाए लेकिन कभी दक्षिण अफ्रीकी जर्सी नहीं पहन सके. लगातार संघर्ष करने के बाद उन्होंने कोचिंग का रुख कर किया. मई 2005 में उन्हें दक्षिण अफ्रीकी टीम का कोच भी बना दिया गया. जब आर्थर दक्षिण अफ्रीका के कोच थे उस समय टीम पांच बार बड़े आईसीसी टूर्नामेंट्स के सेमीफाइनल तक पहुंची लेकिन फाइनल में कभी भी जगह नहीं बना सकी. लेकिन आर्थर के कोचिंग कार्यकाल के दौरान दक्षिण अफ्रीका ने टेस्ट मैचों में अच्छा परफॉर्म किया. दक्षिण अफ्रीका ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज़ भी जीती और वनडे सीरीज़ पर भी कब्ज़ा किया. हालांकि कई मतभेदों की वजह से आर्थर को इस्तीफा देना पड़ा.



क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने किया बर्खास्त
इसके बाद आर्थर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के हेड कोच बने. इस दौरान उनकी कोचिंग में ऑस्ट्रेलिया ने 19 में से 10 टेस्ट मैच जीते. इसके अलावा भी ऑस्ट्रेलिया ने कई सफलताएं हासिल की. लेकिन 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया का ग्रुप स्टेज से बाहर होना विवाद बन गया. जिसके बाद क्रिकेट ऑस्ट्रलिया ने आर्थर को बाहर का रास्ता दिखा दिया. वो भी कॉन्ट्रेक्ट खत्म होने से दो साल पहले ही.

2016 में लिया एक बड़ा फैसला
2016 में मिकी आर्थर ने अपने करियर का एक बड़ा फैसला लिया और पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कोच बन गए. उस समय पाकिस्तान टीम लगातार रैंकिंग में नीचे जा रही थी. उन्हें कोच बने 12 महीने हुए थे कि पाकिस्तान इतिहास रचते हुए आईसीसी की नम्बर वन टेस्ट टीम बन गई. उन्होंने अपने कार्यकाल में पाकिस्तान टीम का खोया हौसला लौटाया. पाकिस्तानी टीम को किसी तरह चैंपियंस ट्रॉफी के लिए क्वालीफाई करवाया. पाकिस्तान को ग्रुप स्टेज में भारत के हाथों हार मिल चुकी थी. कोच आर्थर की मदद से टीम ने उस हार के बाद पूछे मुड़ कर नहीं देखा. पाक ने पहला मैच गंवाने के बाद वर्ल्ड नम्बर वन, टूर्नामेंट की फेवरेट और डिफेंडिगं चैंपियन टीमों के खिलाफ आसानी से जीत हासिल कर खिताब अपने नाम किया. क्रिकेट की दुनिया पाक टीम की कामयाबी पर वाह वाही कर रही है वहीं, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसे क्रिकेट बोर्ड को मिकी आर्थर को निकालने का मलाल ज़रूर हो रहा होगा.
First published: June 20, 2017
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