रांची मैच से पहले मैक्सवेल को सता रहा था ये बड़ा डर, हो गए थे निराश

भाषा

Updated: March 18, 2017, 11:35 AM IST
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रांची. ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्सवेल ने शुक्रवार को कहा कि वह नहीं चाहते थे कि भारत के खिलाफ चल रहा तीसरा टेस्ट उनके लिए अंतिम टेस्ट बन जाए. यह कहते हुए वह भावुक दिख रहे थे. दो साल से ज्यादा समय बाद टेस्ट में वापसी करते हुए मैक्सवेल ने अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 104 रन की पारी खेली और कप्तान स्टीवन स्मिथ (नाबाद 178 रन) के साथ 191 रन की भागीदारी निभाकर ऑस्ट्रेलिया को 451 रन तक पहुंचाया.

मैक्सवेल ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद कहा, ‘यह लंबा समय रहा, मैंने अपना अंतिम टेस्ट 2014 में खेला था. मैं इस मौके को खराब नहीं करना चाहता था और निश्चित तौर पर इसे अपना अंतिम टेस्ट भी नहीं बनाना चाहता था.’ मैक्सवेल छोटे प्रारूप में अपनी काबिलियत साबित कर चुके हैं, उन्हें टेस्ट में तीन मौके मिले, लेकिन वह इन सभी में विफल रहे. चोटिल मिशेल मार्श की वजह से उन्हें यह मौका मिला.

रांची मैच से पहले मैक्सवेल को सता रहा था ये बड़ा डर, हो गए थे निराश
(Getty images)

उन्होंने कहा, ‘मैं जानता हूं कि यह कितना बुरा लगता है जब आपने अंतिम मैच इतने समय पहले खेला हो. मैं इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहता था. आस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम के साथ मैदान पर उतरना बहुत अच्छा लगा.’

First published: March 18, 2017
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