सात युवा एथलीटों ने ओलंपिक की ज्योति जलाई

वार्ता
Updated: July 28, 2012, 6:45 AM IST
सात युवा एथलीटों ने ओलंपिक की ज्योति जलाई
खेलों के महाकुंभ की ज्योति को प्रज्ज्वलित करने का अवसर दिग्गज एथलीटों के बजाए सात युवा एथलीटों को दिया गया।
वार्ता
Updated: July 28, 2012, 6:45 AM IST
लंदन। लंदन ओलंपिक के भव्य और मोहक उद्घाटन समारोह से शुक्रवार रात पर्दा उठने के बाद उस समय सभी लोग चकित रह गए जब खेलों के महाकुंभ की ज्योति को प्रज्ज्वलित करने का अवसर दिग्गज एथलीटों के बजाए सात युवा एथलीटों को दिया गया।

ओलंपिक आयोजकों ने अंतिम मशालवाहक के नामों को मीडिया से गोपनीय रखा था। उद्घाटन समारोह से पहले ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि ब्रिटेन की फुटबाल टीम के पूर्व कप्तान और स्ट्राइकर डेविड बैहकम को यह मौका दिया जा सकता है। बैहकम ने भी कहा था कि ओलंपिक ज्योति प्रज्ज्वलित करने का मौका ऐसे खिलाड़ी को दिया जाना चाहिए जिसने देश के लिए ओलंपिक में पदक जीता हो।

दर्शक इस राज का खुलासा होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे कि अंत में ओलंपिक की मशाल लेकर आने का महान अवसर किसे मिलेगा लेकिन जब युवा खिलाड़ी मशाल लेकर स्टेडियम में आए तो सभी आश्चर्यचकित रह गए। दरअसल युवाओं को यह सुनहरा मौका देकर देश में खेलों और खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य को प्रतिबिंबित किया गया था।

युवा एथलीटों ने स्टेडियम में रखी तांबे की एक पंखुडी में ज्यों ही ज्योति प्रज्ज्वलित की 200 से ज्यादा पंखुडियां खुद ही जल पड़ी। पंखुडियों से उठी आग की लपटें (एकता की ज्योति) का संदेश देते हुए एक विहंगम दृश्य पेश करतीं ऊपर जाकर एक साथ मिल गईं।

First published: July 28, 2012
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