एक्सक्लूसिव: नाक से गिरता रहा खून, फिर भी लड़ता रहा ये इंडियन पहलवान

नित्यानंद पाठक | News18Hindi
Updated: March 22, 2017, 11:46 PM IST
नित्यानंद पाठक | News18Hindi
Updated: March 22, 2017, 11:46 PM IST

शायद इसे ही कहते हैं हारकर भी जीतना. शहीदी दिवस पर आयोजित भारत केसरी दंगल में कुछ ऐसा ही वाकया देखने को मिला. इस दंगल की एक बाउट में इंडियन रेसलर नितिन की नाक में चोट लग गई, लेकिन बावजूद इसके उन्होंने फाइट नहीं छोड़ी. पूरी मैच में इस भारतीय रेस्लर को क्राउड का काफी सपोर्ट मिला जो लगातार उनका हौसला बढ़ाता रहा. हालांकि नितिन को ओलंपियन अमित दाहिया से हार का सामना करना पड़ा. ये फाइट 57 किग्रा के भारवर्ग में थी.

ऐसे लगी खतरनाक चोट

दरअसल, बाउट के शुरुआत में ही इंडियन रेलवे के होनहार रेसलर नितिन के मुंह पर अमित का हाथ लग गया. इसके बाद उनके नाक से खून बहने लगा. हालांकि, बाउट देखने पर ऐसा नहीं लग रहा था कि अमित ने जानबूझकर नितिन के चेहरे पर वार किया, इसलिए रेफरी ने उन्हें किसी तरह की चेतावनी नहीं दी. जैसे ही रेफरी ने ये बात मेडिकल टीम को बताई, उन्होंने तुरंत ट्रीटमेंट किया.

गिरता रहा खून...

जब ये वाक्या हुआ तो एक बार को लग रहा था कि शायद नितिन वापस मैट पर नहीं लौटेंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं. कुछ ही मिनटों में नितिन एक बार फिर ओलंपिक में अपना लोहा मनवा चुके अमित के सामने थे. वो लगातार संघर्ष करते रहे और लड़ते रहे. इस दौरान वो अपनी खून से लथपथ नाक भी पोंछते नजर आए. हालांकि मैच उनकी पकड़ से बाहर था, लेकिन उनकी परफॉर्मेंस को देखते हुए ये कतई नहीं कहा जा सकता है कि अमित को आसान जीत मिली.

10 लाख से दो कदम दूर रह गए

अगर ये फाइट नितिन जीत लेते तो उन्हें फाइनल में एंट्री मिल जाती. फाइनल बाउट जीतने वाले पहलवान को 10 लाख इनाम मिलता. हालांकि उनके एक सपोर्टर और क्लोज फ्रेंड राजू का कहना है कि नितिन शुरुआत से ही ऐसा है. उन्होंने  ओलंपिक मेडल जीतकर इंटरनेशनल लेवल पर जरूर देश का नाम रोशन करेगा.

First published: March 22, 2017
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