रणजी ट्रॉफीः 312 रन का टारगेट, गुजरात बगैर विकेट गंवाए 47 रन

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First published: January 13, 2017, 11:25 AM IST | Updated: January 13, 2017, 6:39 PM IST
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रणजी ट्रॉफीः 312 रन का टारगेट, गुजरात बगैर विकेट गंवाए 47 रन
गुजरात ने 312 रन के बड़े लक्ष्य के सामने मुंबई के खिलाफ रणजी ट्राफी फाइनल में अच्छी शुरूआत करके मैच के चौथे दिन अपनी दूसरी पारी में बिना किसी नुकसान के 47 रन बनाये.

गुजरात ने 312 रन के बड़े लक्ष्य के सामने मुंबई के खिलाफ रणजी ट्राफी फाइनल में अच्छी शुरूआत करके मैच के चौथे दिन अपनी दूसरी पारी में बिना किसी नुकसान के 47 रन बनाये.

इंदौर के होलकर स्टेडियम पर मुंबई ने ऑलराउंडर अभिषेक नायर की 91 रन की तेजतर्रार पारी और कप्तान अभिषेक तारे (69) के अर्धशतक की बदौलत अपनी दूसरी पारी में 411 रन बनाये.

मुंबई पहली पारी में 228 रन ही बना पाया था जिसके जवाब में गुजरात ने 328 रन बनाकर 100 रन की बढ़त हासिल की थी.

मुंबई की दूसरी पारी में गुजरात की तरफ से चिंतन गजा ने 121 रन देकर छह जबकि आरपी सिंह ने 83 रन देकर दो विकेट लिये. गुजरात अब लक्ष्य से 265 रन पीछे है.

पहला रणजी खिताब जीतने के लिये उसका दारोमदार किसी एक रणजी सत्र में सर्वाधिक रन बनाने के रिकॉर्ड की तरफ बढ़ रहे प्रियांक पांचाल पर टिकी है. पांचाल अभी 45 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 34 रन बनाकर खेल रहे हैं. उनके साथ दूसरे छोर पर समित गोहल आठ रन पर खेल रहे हैं.

पांचाल ने इस सत्र में अब तक 1310 रन बना लिये हैं और उन्हें किसी एक सत्र में सर्वाधिक रन के वीवीएस लक्ष्मण (1999-2000 में 1415 रन) के रिकॉर्ड को बराबर करने के लिये केवल 105 रन की जरूरत है.

गुजरात यदि मैच के पांचवें और अंतिम दिन लक्ष्य हासिल करने में सफल रहता है तो यह नया रिकॉर्ड होगा. रणजी फाइनल में सबसे बड़ा लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल करने का रिकार्ड हैदराबाद के नाम पर है जिसने 1937-38 में नवानगर के खिलाफ 310 रन का लक्ष्य हासिल किया था.

वही मुंबई मैच जीतने में सफल रहता है तो यह रणजी इतिहास में सातवां अवसर होगा जबकि कोई टीम पहली पारी में पिछड़ने के बाद खिताब जीतने में सफल रही. मुंबई इससे पहले दो बार ऐसा कर चुका है.

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