जूड़ापुर हत्याकांड और गैंगरेप केस का खुलासा, शिक्षक समेत 4 गिरफ्तार

आईएएनएस
Updated: July 17, 2017, 11:55 PM IST
जूड़ापुर हत्याकांड और गैंगरेप केस का खुलासा, शिक्षक समेत 4 गिरफ्तार
आरोपियों को मीडिया के सामने पेश करते पुलिसकर्मी
आईएएनएस
Updated: July 17, 2017, 11:55 PM IST
इलाहाबाद के नवाबगंज थाना क्षेत्र में 24 अप्रैल को एक ही परिवार के चार सदस्यों की हत्या और गैंगरेप कांड का सोमवार को नवाबगंज पुलिस, क्राइम ब्रांच और स्वाट पुलिस की संयुक्त टीम ने खुलासा कर दिया. पुलिस ने इस हत्या कांड और गैंगरेप कांड में शामिल शिक्षक समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, चाकू, खून के धब्बे लगे कपड़े बरामद कर लिए गए हैं.

जानकारी के अनुसार, नवाबगंज थाना क्षेत्र के जूड़ापुर गांव में 24 अप्रैल की रात किराना दुकानदार मक्खन लाल साहू (50) उसकी पत्नी मीरा देवी (44) और दो बेटियों वंदना (18 वर्ष) व निशा (16 वर्ष) की हत्या कर दी गई थी. हत्यारों ने हत्या से पहले दोनों बहनों से गैंगरेप भी किया था. इस हत्याकांड के बाद लोगों में काफी आक्रोश था और कई प्रदर्शन किए गए थे.

इस मामले में मृतक मक्खन के बेटे रंजीत की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही जवाहर लाल यादव के बेटे शिवबाबू व भल्लू और नरेन्द्र यादव, बांके यादव व नवीन यादव के खिलाफ गैंगरेप, हत्या व पॉक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज पांचों को गिरफ्तार कर लिया था. लेकिन जांच में सामने आया कि इनमें से कोई थी हत्या व गैंगरेप में शामिल नहीं था.




वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सुरेश राव ए. कुलकर्णी ने बताया कि इस मामले की खुलासे में जुटी नवाबगज पुलिस, क्राइम ब्रांच, सर्विलांस और स्वाट की संयुक्त टीम ने जूडापार हत्या व गैंगरेप कांड का सोमवार को खुलासा करते हुए चार आरोपियों नीरज पुत्र गुलाब चंद्र, प्रदीप कुमार पुत्र हेमराज, मोहित पुत्र अमरेश कुमार निवासीगण लखनपुर कांदू थाना नवाबगंज और सत्येन्द्र पुत्र राम नरेश निवासी तुलसीपुर थाना सोरांव को गिरफ्तार कर लिया. जिनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, आलाकत्ल दो चाकू, खून के धब्बे लगे कपड़े बरामद किए गए.

पुलिस ने बताया कि इस हत्या व गैंगरेप कांड का मुख्य सूत्रधार नीरज है. उसने वंदना से अपनी बेइज्जती का बदला लेने के लिए इस हत्याकांड व दुष्कर्मकांड का अंजाम दिया था.

पुलिस ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी नीरज मृतका वंदना के साथ एक कॉलेज में शिक्षक था. वह उस पर बुरी नजर रखता था. वंदना अपने घर के पास एक निजी कम्पनी जन कल्याण ट्रस्ट की एजेंट भी थी. वह सजेन्द के तौर पर लोगों से 1250 रुपए जमा करवा कर साइकिल या सिलाई मशीन कम्पनी से दिलवाती थी. नीरज ने अपने 06 रिश्तेदारों से उसके पास 7500 रुपए जमा कराए थे और उसके बदले साइकिल की मांग कर रहा था. लेकिन वंदना लगातार नीरज को टरकाती रही. जिसके बाद आठ मार्च को उसकी कम्पनी अपना कार्यालय बंद कर भाग गई. इसको लेकर नीरज की वंदना से लड़ाई हुई और वंदना से उसे अपमानित करते हुए कम्पनी की साइकिल देने पर ही साइकिल दिलाने की बात कही.

एसएसपी ने बताया कि इस वंदना द्वारा झिड़कने पर नीरज खुद को अपमानित महसूस करने लगा. 1500 रुपए में वह शिक्षक की नौकरी करता था और 7500 रुपए जाना उसे खल रहा था. इस उसने वदना से अपने अपमान का बदला लेने की ठान ली और अपने साथियों प्रदीप, मोहित और सत्येन्द्र के साथ लखनपुर गां में योजना बनाई. फिर योजना के तहत सभी अबाइक से जुडापार आए सीएल कुशवाह सूल में बाइक खड़ी कर दी और वंदना को फोन कर गाड़ी का पट्रोल खत्म होने की बात फोन पर उसके घर आ गया. नीरज को जानते हुए वंदना ने दरवाजा खोल दिया. जिसके बाद चारो आरोपियों वंदना के सिर पर वार कर बेहोश कर दिया और मक्खन लाल साहू, मीरा देवी व निशा की चाकुओं से गोद कर हत्या दी. फिर वंदना और निशा से बारी-बारी से गैंगरेप किया और वंदना की भी हत्या कर दी.

नीरज ने अपनी रकम तलाशने के लिए वंदना की अलमारी भी छानी, लेकिन पैसे नहीं मिले. पुलिस ने बताया कि हत्या के बाद सभी बाइक से वापस आ गए और चाकू कपड़े और बाइक छिपा दी, जिसे बरामद कर लिया गया.
First published: July 17, 2017
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