आरुषि-हेमराज मर्डर केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

Sarvesh Dubey | ETV UP/Uttarakhand

First published: January 11, 2017, 3:05 PM IST | Updated: January 11, 2017, 3:26 PM IST
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आरुषि-हेमराज मर्डर केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
File Photo

नोएडा के बहुचर्चित आरुषि-हेमराज मर्डर मामले में डॉ तलवार दंपति की अपील पर महीनों चली सुनवाई के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को अपना फैसला सुरक्षा रख लिया.

आरुषि-हेमराज मर्डर मामले में गाजियाबाद सीबीआई कोर्ट ने वर्ष 2013 में आरुषी की मां डॉ नूपुर तलवार और पिता डॉ राजेश तलवार को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई थी.

सीबीआई कोर्ट के फैसले के खिलाफ तलवार दंपति ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी. जिस पर 24 सितम्बर 2016 से इलाहाबाद हाईकोर्ट में मामले की लगातार सुनवाई चली. जस्टिस बीके नारायण और जस्टिस एके मिश्रा की डिवीजन बेंच ने मामले में बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया.

गौरतलब है कि 15 मई 2008 की रात नोएडा के जलवायु बिहार कॉलोनी के मकान नम्बर एल-32 में 14 साल की आरुषी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था. जबकि डॉ तलवार दम्पत्ति के घरेलू नौकर हेमराज का शव घर की छत पर 17 मई को बरामद हुआ था. हत्याकाण्ड की जांच पहले स्थानीय पुलिस ने की थी.

बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई को जांच सौंपी गई थी. सीबीआई ने भी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी थी, लेकिन निचली अदालत के आदेश के बाद एक बार फिर से मामले की सीबीआई ने जांच शुरु की और वर्ष 2013 में तलवार दंपति को बेटी आरुषी और घरेलू नौकर हेमराज की हत्या का दोषी करार देते हुए गाजियाबाद सीबीआई कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई थी.

बता दें कि आरुषी-हेमराज मर्डर की आरोपी डॉ नूपुर तलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट से अपनी मां के इलाज के लिए पैरोल मिली हुई है. एक बार फिर से हाईकोर्ट ने 10 जनवरी को नूपुर तलवार की चार हफ्ते के लिए पैरोल बढ़ा दी है. वहीं हत्याकाण्ड के दूसरे आरोपी डॉ राजेश तलवार इन दिनों डासना जेल में उम्र कैद सजा काट रहे हैं.

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