IGNOU को मिला पहला ट्रांसजेंडर स्टूडेंट, 18 साल पहले पास किया था इंटरमीडिएट

ETV UP/Uttarakhand
Updated: July 17, 2017, 8:37 PM IST
ETV UP/Uttarakhand
Updated: July 17, 2017, 8:37 PM IST
इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी ने इस साल से ट्रांसजेंडर के लिए मुफ्त में शिक्षा की व्यवस्था शुरू कर दी है. इग्नू का दावा है कि ऐसा करने वाला इग्नू देश का पहला विश्वविद्यालय हो गया है.

इग्नू के असिस्टेंट ​रीजनल डायरेक्टर डॉ. कीर्ति विक्रम सिंह ने बताया कि सोमवार को यूनिवर्सिटी में पहले ट्रांसजेंडर सुधा ने एडमिशन लिया.

इनके अलावा कुछ और ट्रांसजेंडर स्टूडेंट्स ने भी आवेदन किया है, जिनकी एडमिशन प्रक्रिया जल्द ही पूरी कर ली जाएगी. उन्होंने बताया कि 31 जुलाई तक विभिन्न कोर्सेज में आवेदन कर सकते हैं.

इग्नू के लखनऊ रीजनल सेंटर में एडमिशन लेने के बाद सुधा ने बताया कि उसने 18 साल पहले इंटरमीडिएट की परीक्षा बिहार से पास की थी. लेकिन सामाजिक परिस्थितियों के कारण उसे पढ़ाई छोड़नी पड़ गई थी. इसके बाद वह लखनऊ आ गई थी. इसके बाद वह रोजी रोटी जुटाने में लग गई.

सुधा ने इग्नू में बैचलर्स प्रिपरेटरी प्रोग्राम बीपीपी में एडमिशन लिया है. यह छह महीने का ब्रिज कोर्स है. इस कोर्स को करने के बाद सुधा इग्नू में स्नातक में एडमिशन लेंगीं.

सुधा और उसके साथ आए अन्य ट्रांसजेंडर्स ने बताया कि वह पढ़ना चाहते हैं और अपने जीवन स्तर को बेहतर करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि जिस तरह से इग्नू ने उनकी पढ़ाई के लिए व्यवस्था की है, उसी तरह से सरकार अगर उनके रोजगार की व्यवस्था कर दे तो उन्हें खुशी होगी.

इग्नू की रीजनल डायरेक्टर डॉ. मनोरमा सिंह ने बताया कि इस प्रोग्राम के तहत यूपी के अन्य जिलों में भी वह अवेयरनेस प्रोग्राम चला रहे हैं. अगर ट्रांसजेंडर्स की संख्या अच्छी रही तो वह रीजनल सेंटर में ही ट्रांसजेंडर्स के लिए अलग से क्लासेस भी शुरू करेंगे.

(रिपोर्ट: शैलेश अरोड़ा, ईटीवी, उत्तर प्रदेश)
First published: July 17, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर