यूपी में अखिलेश से गठबंधन नहीं हुआ तो ये रहा राहुल का प्लान 'बी'

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First published: January 13, 2017, 12:26 PM IST | Updated: January 13, 2017, 3:14 PM IST
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यूपी में अखिलेश से गठबंधन नहीं हुआ तो ये रहा  राहुल का प्लान 'बी'
File Photo

समाजवादी पार्टी से गठबंधन होगा या नहीं इन दोनों ही संभावनाओं को लेकर कांग्रेस ने दो रणनीति तैयार की है. पहली रणनीति के तहत कांग्रेस ने सपा से गठबंधन होने की उम्मीद में अपने करीब 80 प्रत्याशियों के नाम फाइनल कर लिए हैं. पार्टी का मानना है कि अगर गठबंधन हुआ तो ये 80 प्रत्याशी रहेंगे, नहीं भी हुआ तो भी ये प्रत्याशी रहेंगे.

यही नहीं दूसरी रणनीति के तहत अगर सपा से गठबंधन नहीं होता है तो कांग्रेस अन्य किसी पार्टी से गठबंधन नहीं करेगी और अकेले ही मैदान में उतरेगी, इसके लिए 403 सीटों पर संभावित प्रत्याशियों के नाम शॉर्टलिस्ट किए जा चुके हैं.

गौर करने वाली बात ये है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में अभी तक मुलायम सिंह यादव ने सीधे-सीधे कांग्रेस के साथ गठबंधन कभी नहीं किया है. हालांकि उन्होंने केंद्र में कांग्रेस की सरकार को बाहर से समर्थन जरूर किया लेकिन यूपी में कभी कांग्रेस और मुलायम साथ नहीं आए. यही नहीं जब जब कांग्रेस को चाहे विधानपरिषद में हो या राज्यसभा में मुलायम ने हमेशा उसका साथ निभाकर अपनी अहमियत का एहसास जरूर कराया.

दिलचस्प बात ये भी है कि कांग्रेस ने हर चुनाव में मुलायम सिंह के साथ गठबंधन की जीतोड़ कोशिशें कीं लेकिन वह सफल नहीं हुई. चाहे वह 2007 हो या 2009 मुलायम ने हमेशा कांग्रेस से मित्रवत दूरी ही बनाए रखी.

इस बार भी मुलायल का स्टैंड कुछ ऐसा ही दिख रहा है. उन्होंने कई बार सार्वजनिक तौर पर किसी भी गठबंधन को दरकिनार कर दिया. लेकिन परिस्थितियां अब बदलती दिख रही हैं. मुलायम के ही पुत्र अखिलेश कांग्रेस को एक अच्छा मित्र के तौर पर देख रहे हैं. वहीं राहुल गांधी भी अखिलेश के साथ गठबंधन को लेकर उत्सुक नजर आ रहे हैं.

इस बीच कांग्रेस से खबर है कि पार्टी दोनों ही ​स्थितियों के लिए कमर कसकर तैयार है. इसमें प्लान- ए की बात करे तो गठबंधन की आस में कांग्रेस ने करीब 80 प्रत्याशी चुन लिए हैं. हालांकि इनकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है लेकिन चुने गए प्रत्याशियों को दिल्ली से निर्देश भेजे जा रहे हैं कि आप चुनाव की तैयारी कीजिए लेकिन अभी खुद के प्रत्याशी होने का ऐलान न कीजिए. सूत्रों के अनुसार इन प्रत्याशियों के चयन में जातीय गणित के साथ ही पार्टी संगठन और पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट, बाहरी एजेंसी के सर्वे के साथ ही पीके की टीम के इनपुट को भी तरजीह दी गई है.

वहीं गठबंधन न होने की स्थिति में पार्टी ने जो प्लान बी बनाया है, उसके तहत हर विधानसभा सीटों पर संभावित प्रत्याशियों की लिस्ट तैयार कर ली गई है. उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से ज्यादातर संभावितों की सूची दिल्ली भेजी जा चुकी है. लेकिन इन पर अंतिम फैसला गठबंधन के न होने पर ही लिया जाएगा.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर के अनुसार प्रदेश की 403 सीट पर कांग्रेस के एक सीट पर तीन से पांच दावेदार हैं. यही कारण है कि प्रत्याशी के चयन में इतना समय लग रहा है. जल्द ही प्रत्याशियों की घोषणा हो जाएगी.

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