यूपी में 'मिड डे मील' के रसोइएं बंधुआ मजदूर: स्वामी अग्निवेश

MANISH KUMAR | ETV UP/Uttarakhand

Updated: May 24, 2016, 2:46 PM IST
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सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश ने यूपी में मिड डे मील के लिए खाना पकाने वाली रसोईयों को बन्धुआ मजदूर की संज्ञा दी है. अग्निवेश ने कहा कि यूपी सरकार द्वारा रसोईयों को एक हजार रूपये हर महीने मानदेय देना सरकार द्वारा बन्धुआ मजदूरी कराने का उदाहरण है.

अग्निवेश ने कहा कि वे इसके खिलाफ अभियान चलायेंगे. सावामी अग्निवेश बुधवार को लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान में रसोईयों के सम्मेलन की सभा को सम्बोधित भी करेंगे. अग्निवेश के बुलावे पर कल बुधवार को प्रदेश भर के रसोईयों का लखनऊ में जमावड़ा लगेगा.

यूपी में 'मिड डे मील' के रसोइएं बंधुआ मजदूर: स्वामी अग्निवेश
File Photo

उन्होंने कहा कि रसोइयों को सरकार 10 हजार रुपये मानदेय देना चाहिए क्योंकि सातवें वेतन की सिफारिश लागू होने पर किसी भी सरकारी दफ्तर के चपरासी की सैलरी 18 हजार तक हो जाएगी. ऐसे में इन लोगों को एक हजार रूपये देना उचित नहीं है.

बिहार में हुई शराब बंदी पर उन्होंने कहा कि किसी एक या दो स्टेट में इसे लागू कर इस मुहीम को सफल नहीं बनाया जा सकता. उन्होंने कहा कि इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की जरुरत है. स्वामी अग्निवेश के मुताबिक इससे शराब तस्करी को बढ़ावा मिलेगा.

स्वामी अग्निवेश ने यूपी सरकार की शराब बंदी को लेकर दी जा रही दलील पर कहा कि एक एगेंच्य के सर्वे के मुताबिक अगर सरकार को 100 रुपये का मुनाफा होता है तो शराब के साइड इफेक्ट जैसे स्वास्थ, रोड एक्सीडेंट और अपराध में उसे 124 रुपये खर्च करना पड़ता है. लिहाजा यह तर्क की इससे राजस्व को घाटा होगा गलत है.

First published: May 24, 2016
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