यूपी के आईएएस अनुराग तिवारी की मौत की जांच के लिए एसआईटी गठित

भाषा
Updated: May 18, 2017, 10:44 PM IST
यूपी के आईएएस अनुराग तिवारी की मौत की जांच के लिए एसआईटी गठित
कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी की मौत की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है.
भाषा
Updated: May 18, 2017, 10:44 PM IST
कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी की मौत की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है. उत्तर प्रदेश के रहने वाले तिवारी की मौत का मुद्दा राज्य विधानसभा में गुरुवार को भी उठा.

आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी (36) का शव बुधवार को हजरतगंज में मीराबाई मार्ग स्थित वीआईपी गेस्ट हाउस के निकट संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था. तिवारी बेंगलुरु में खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग में आयुक्त के पद पर तैनात थे.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने बताया कि पांच सदस्‍यीय एसआईटी बनाई गई है. इसे 72 घंटे में रिपोर्ट देने को कहा गया है. उत्तर प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विधानसभा में कहा कि तिवारी कर्नाटक में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के करोड़ों रुपए के घोटाले का पर्दाफाश करने वाले थे.

खन्ना ने कहा कि ये बात सही है कि अधिकारी का शव बुधवार को मिला. चार डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया. मौत की असल वजह का पता नहीं लगने पर तिवारी का विसरा सुरक्षित रख लिया गया. विपक्षी सदस्यों ने तिवारी की हत्या का आरोप लगाया है.

सदन की बैठक शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने कानून व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार को घेरने का प्रयास किया. सपा के नितिन अग्रवाल ने प्रश्नकाल के दौरान ये मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि अत्यंत कड़ी सुरक्षा वाले क्षेत्र में आईएएस अधिकारी की हत्या हो गई. ये घटना कानून व्यवस्था को लेकर सरकार के लंबे चौड़े दावे की पोल खोलती है.

विपक्ष के नेता राम गोविन्द चौधरी ने कहा कि वीआईपी क्षेत्र में आईएएस अधिकारी की हत्या गंभीर मामला है. कांग्रेस विधायक दल के नेता अजय प्रताप लल्लू ने ये मुद्दा उठाते हुए सीबीआई जांच की मांग की. इस पर संसदीय कार्य मंत्री ने मामले की जांच का आश्वासन दिया. लेकिन जवाब से असंतुष्टि जताते हुए विपक्षी सदस्य सदन से वॉकआउट कर गए.

गौरतलब है कि तिवारी 2007 बैच के कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी थे. वो मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी के ‘मिड कैरियर’ प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मीराबाई मार्ग स्थित गेस्ट हाउस में अपने बैचमैट के साथ रुके हुए थे. बुधवार को ही तिवारी का जन्मदिन भी था.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने कहा कि चार डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया है. मौत की वजह दम घुटना बताई गई. विसरा और खून के नमूने फोरेंसिक लैब भेजे गये हैं ताकि मौत की असल वजह का पता चल सके.

तिवारी के पिता बीएन तिवारी का आरोप है कि उनके बेटे की हत्या की गई है. उन्होंने बहराइच स्थित अपने घर पर कहा, ‘‘मेरा बेटा बहुत ईमानदार था. भ्रष्ट अधिकारी उसे पसंद नहीं करते थे. उन्होंने ही संभवत: उसकी हत्या कराई है.’’

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First published: May 18, 2017
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