16 साल में नहीं पहुंची बिजली, ग्रामीणों ने लिया वोट बहिष्कार का निर्णय

Prabhat Purohit | ETV UP/Uttarakhand

First published: January 13, 2017, 9:58 PM IST | Updated: January 13, 2017, 9:58 PM IST
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16 साल में नहीं पहुंची बिजली, ग्रामीणों ने लिया वोट बहिष्कार का निर्णय
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पहाड़ी क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विकास हो इसलिए उत्तराखण्ड राज्य की स्थापना हुई थी. मगर राज्य बनने के 16 साल बाद भी कई गांवों की स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है. इसके चलते अब ग्रामीण मतदान के बहिष्कार की बात करने लगे है.

जनपद चमोली के थराली विकासखण्ड का अंतिम गांव है रुइसाण, जहां गांव की आबादी लगभग 1900 से भी अधिक है जिसमें से 1350 मतदाता हैं. मगर इस बार ये अपने मत का प्रयोग नहीं कर रहे हैं.

ग्राम प्रधान सुदर्शन सिंह सहित गांव के अन्य लोगो का कहना है कि आजादी के सात दशक बाद भी गांव में बिजली नहीं पहुंची है. ग्रामीणों ने फैसला लिया है कि यदि मतदान के दिन से पूर्व गांव में बिजली की व्यवस्था नहीं होती है तो ग्रामीण लाईट नहीं तो वोट नहीं का नारा देकर मतदान का वहिष्कार करेंगे.

ग्रामीण खुशहाल सिंह का कहना है गांव में बिजली न होने से जहां बच्चो की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. वहीं उनके यहां अब बेटे व बेटियों के रिश्ते आने भी कम हो गए है, जिससे उन्होंने मतदान वहिष्कार का निर्णय लिया है.

वहीं डीएम विनोद कुमार सुमन का कहना है कि जल्द ही रुईसाण गांव में बिजली की व्यवस्था बहाल की जायेगी साथ ही ग्रामीणों को मतदान के लिए मनाया जायेगा.

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