देहरादून में एटीएम कार्डों की क्लोनिंग कर 57 खातों से निकाले लाखों रुपये

Rajesh Dobriyal | News18India
Updated: July 17, 2017, 6:23 PM IST
देहरादून में एटीएम कार्डों की क्लोनिंग कर 57 खातों से निकाले लाखों रुपये
(Photo-ETV)
Rajesh Dobriyal | News18India
Updated: July 17, 2017, 6:23 PM IST
उत्तराखंड में एटीएम फ्रॉड के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. राजधानी देहरादून में पिछले तीन में अब तक एटीएम की क्लोनिंग कर धोखे से पैसे निकालने के 57 मामले सामने आ चुके हैं. इनमें लाखों रुपये का धोखा किया जा चुका है.
शुरुआत में इसे साइबर क्राइम बताया जा रहा था लेकिन देहरादून की एसएसपी निवेदिता कुकरेती के अनुसार यह साइबर क्राइम नहीं है, एटीएम क्लोनिंग कर यह अपराध किया गया.
एसएसपी के अनुसार यह क्लोनिंग स्किमिंग के ज़रिए की गई है जो बेहद शातिराना अपराधियों का काम है.
स्किमिंग का अर्थ है एटीएम में लगी एक स्मार्ट चिप के ज़रिए एटीएम का डाटा कॉपी करना और फिर उस डाटा का इस्तेमाल कर डुप्लीकेट कार्ड बनाना और उससे पैसे निकाल लेना. शातिर अपराधियों ने देहरादून के कई एटीएम से स्किमिंग के ज़रिए डाटा कॉपी किया और उनके डुप्लीकेट कार्ड बनाकर राजस्थान के जयपुर से पैसे निकाले.

जब एक के बाद के लोगों के अकाउंट से पैसे निकलने लगे तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवानी शुरू की.
देहरादून के एसपी सिटी प्रदीप राय के अनुसार सोमवार सुबह तक 47 शिकायतें दर्ज की गई थीं जिनमें से कुल मिलाकर 16 लाख रुपये निकाले गए थे. इसके बाद 10 और शिकायतें मिली हैं जिनसे हुई चोरी का आकलन किया जाना बाकी है.
एसपी सिटी के अनुसार इन मामलों में सबसे ज़्यादा कार्ड एसबीआई के हैं, फिर पीएनबी के, यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया के और आईसीआईसीआई के भी कार्ड हैं. शिकायतें आने के बाद पुलिस ने उन एटीएम की पड़ताल की जिनमें खाताधारकों ने आखिरी ट्रांजेक्शन की थी.
पुलिस ने जिन सात एटीएम की जांच की उनमें से किसी में भी गार्ड नहीं था. एटीएम मशीनें पुरानी थीं और जिन कार्डों की क्लोनिंग की गई वह भी पुराने थे. देहरादून की एसएसपी की ओर से बैंकों को एक एडवाइज़री जारी की गई है जिसमें सभी एटीएम में गार्ड नियुक्त करने जैसे कई सलाह दी गई हैं.
First published: July 17, 2017
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