उत्तराखंड को 2019 तक पूर्ण साक्षर बनाने की जिम्मेदारी जिलाधिकारियों की : त्रिवेंद्र

Sunil Navprabhat | ETV UP/Uttarakhand
Updated: May 18, 2017, 3:30 PM IST
उत्तराखंड को 2019 तक पूर्ण साक्षर बनाने की जिम्मेदारी जिलाधिकारियों की : त्रिवेंद्र
मदन कौशिक, प्रवक्ता ,राज्य सरकार
Sunil Navprabhat | ETV UP/Uttarakhand
Updated: May 18, 2017, 3:30 PM IST
देहरादून में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने निरक्षता से मुक्त उत्तराखंड के लक्ष्य पर कहा कि यह जिम्मेदारी जिलाधिकारियों की है. सीएम ने बुधवार को सचिवालय में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह कहा. बता दें कि 2019 तक उत्तराखंड को निरक्षरता से मुक्त करने का लक्ष्य है.

सीएम ने जिलाधिकारियों को चारधाम यात्रियों की स्वास्थ्य व्यवस्था का विशेष ध्यान रखने का भी निर्देश दिया. यात्रियों के स्वास्थ्य के मद्देनजर ही उन्होंने गुप्तकाशी में कार्डिक एंबुलेंस और कॉर्डियोलॉजिस्ट तैनात करने के निर्देश दिये.

सरकार की प्राथमिकताएं बताते हुए सीएम ने स्वच्छ भारत अभियान पर जोर देते हुए कहा कि इसका असर गांवों और शहरों की सफ़ाई के साथ प्रशासन के कामकाज में भी दिखाई देना चाहिए. उन्होंने जिलों के डीएम से डम्पिंग-ट्रेंचिंग ग्राउंड के लिए प्रस्ताव भेजने को भी कहा. उन्होंने सभी जिलों के अफसरों से कहा कि वे हफ्ते में एक दिन स्वच्छता अभियान पर विशेष अभियान चलायें.

सीएम ने कहा कि भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरेन्स हर जगह दिखना चाहिए. आम लोगों को महसूस होना चाहिए कि सरकारी दफ्तरों में ईमानदारी से काम हो रहा है. सीएम ने हरिद्वार और रूड़की की जेलों में जैमर लगाने को भी कहा.

सीएम ने कहा कि राज्य को गरीबी , भेदभाव और भ्रष्टाचार से मुक्त करना है. साथ ही अधिकारियों से कामकाज में पारदर्शिता रखने को भी कहा.
First published: May 18, 2017
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