रूड़की के पूर्व विधायक प्रदीप बत्रा की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

Virendra Bisht | ETV UP/Uttarakhand

First published: January 11, 2017, 1:14 PM IST | Updated: January 11, 2017, 1:14 PM IST
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रूड़की के पूर्व विधायक प्रदीप बत्रा की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
रुड़की के पूर्व विधायक प्रदीप बत्रा की चुनाव से पहले ही मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. बत्रा पर फर्जी तरीके से परीक्षा देने का आरोप है. इस मामले में बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है.

रुड़की के पूर्व विधायक प्रदीप बत्रा की चुनाव से पहले ही मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. बत्रा पर फर्जी तरीके से परीक्षा देने का आरोप है. इस मामले में बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है. बताया गया है कि 2008 में विनय भाटिया ने रुड़की कोतवाली में एफआईआर दी थी.

इसमें रुड़की ड्रिगी कॉलेज ऑफ लॉ धनौरी मालिक के खिलाफ आरोप लगाया गया था कि वे फर्जी तरीके से छात्रों को डिग्री दे रहे हैं. जिसके बाद पूरे मामले की सीबीसीआईडी जांच हुई तो चार अन्य प्रदीप बत्रा, प्रदीप बत्रा की पत्नी मनीषा बत्रा, विकास त्यागी, अनू चौधरी का नाम सामने आया. इस मामले में राज्य सरकार ने 15 फरवरी, 2013 को सभी से मुकदमें वापस ले लिये थे. जिसको राकेश त्यागी नामके व्यक्ति ने कोर्ट में चुनौती देते हुये कार्रवाई करने की मांग की है.

वहीं काशीपुर से बीजेपी विधायक हरभजन सिंह चीमा का भी एक मामला कोर्ट पहुंच गया है. 2007 व 2012 के चुनाव में गलत तथ्य देने का मामला हाईकोर्ट में है. कोर्ट ने पूरे मामले पर सुनावाई कर केन्द्र व राज्य के चुनाव आयोग से 19 फरवरी तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिये हैं.

आपको बताते चलें काशीपुर निवासी उत्कर्ष अग्रवाल ने याचिका दायर कर कहा है कि विधायक चीमा ने 2007 में नामांकन के दौरान आयु 63 वर्ष व 2012 में 65 वर्ष अंकित की है. यही नहीं चीमा द्वारा 2007 में जमा नामांकन के साथ 1960 में दसवीं पास होना बताया है, जबकि वास्तव में चीमा ने 1961 में हाईस्कूल का प्राइवेट फार्म भरा था.

इस मामले की स्थानीय स्तर पर प्रत्यावेदन देकर जांच की मांग की गई, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई. गौरतलब है कि इस मामले पर अब अगली सुनावाई 20 फरवरी को होगी.

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