अपने बूते जीत सकती हो तो जीतो मेडल, नेता सिर्फ़ वायदे करते हैं यहां

News18India
Updated: July 17, 2017, 7:11 PM IST
अपने बूते जीत सकती हो तो जीतो मेडल, नेता सिर्फ़ वायदे करते हैं यहां
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Updated: July 17, 2017, 7:11 PM IST
अगले साल राज्य को 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेज़बानी करनी है. आयोजन की तैयारियों के साथ ही राज्य सभी 42 खेलों में शिरकत करेगा. मुख्यमंत्री ने इच्छा जताई है कि राज्य अंकतालिका में अच्छा स्कोर भी करे.
हाल ही में एकता बिष्ट और शालिनी जोशी के इंटरनेशनल क्रिकेट में प्रदर्शन से लोगों का ध्यान राज्य की महिला खिलाड़ियों की प्रतिभा की ओर गया है. यह सिर्फ़ इत्तेफ़ाक नहीं कि भूमिका शर्मा ने बॉडी बिल्डिंग में हाल ही में एक इंटरनेशनल इवेंट में गोल्ड जीता है.
लेकिन राज्य बनने के 17 साल बाद भी महिलाओं की खेल प्रतिभा का विकास करने के लिए सरकार के पास कोई ठोस योजना नहीं है.
पुरुषों के लिए तो उत्तर प्रदेश के ज़माने में बना महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज है लेकिन महिलाओं के लिए कुछ नहीं.

हरीश रावत सरकार ने पिथौरागढ में बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज बनाने का ऐलान तो किया था लेकिन वह घोषणा क़ाग़जों से नीचे नहीं उतरी.
राज्य के वर्तमान खेल मंत्री अरविंद पांडे स्वीकार करते हैं कि राज्य में खेलों के क्षेत्र में महिला प्रतिभा को विकसित करने में कमी रह गई है और दावा करते हैं कि इस दिशा में काम हो रहा है.
लेकिन सवाल यह है कि कब तक राज्य की महिला खिलाड़ी सिर्फ़ अपने दम पर राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय खिताब जीतकर लाती रहेंगी और नेता उनकी जीत के जश्न में भाषण देते रहेंगे.
(देहरादून से पूजा बड़थ्वाल की रिपोर्ट)
First published: July 17, 2017
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