राष्ट्रपति चुनाव: रोमनी के खिलाफ ओबामा का चीनी कार्ड

आईएएनएस
Updated: September 18, 2012, 10:57 AM IST
राष्ट्रपति चुनाव: रोमनी के खिलाफ ओबामा का चीनी कार्ड
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव को जब केवल 50 दिन रह गए हैं, मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा ने नौकरियां आउटसोर्स करने को लेकर अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी के खिलाफ चीनी कार्ड खेला है।
आईएएनएस
Updated: September 18, 2012, 10:57 AM IST
वाशिंगटन। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव को जब केवल 50 दिन रह गए हैं, मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा ने नौकरियां आउटसोर्स करने को लेकर अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी के खिलाफ चीनी कार्ड खेला है। ओहियो राज्य के सिनसिनाटी में सोमवार को एक चुनाव अभियान को सम्बोधित करते हुए ओबामा ने कहा कि मैं केवल बातें नहीं करना चाहता, बल्कि अपनी बातों पर अमल भी करना चाहता हूं।

ओबामा के चुनाव अभियान के सम्बंध में एक नया टेलीविजन विज्ञापन भी जारी किया गया है, जिसमें ओबामा ने यह आरोप लगाया है कि निवेश कम्पनी बेन कैपिटल के प्रमुख के रूप में आउटसोर्सिग के अगुवा रहे रोमनी ने अमेरिकी नौकरियों को भारत तथा चीन जैसे देशों में भेजा।

ओबामा ने कहा कि ऐसे में जबकि आपने हमारी नौकरियां चीन तक पहुंचाई हैं, आप उसके आमने-सामने नहीं हो सकते। आप अच्छी बातें कर सकते हैं, लेकिन मैं अपनी बातों को अमल में भी लाना चाहता हूं, न कि सिर्फ बातें करना चाहता हूं।

उन्होंने कहा कि मेरा अनुभव दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है और मैं विश्व अर्थव्यवस्था में अमेरिकी कामगार वर्ग को बेहतर अवसर दिलाने के लिए हर सम्भव कोशिश कर रहा हूं। ओबामा ने कहा कि हमें ऐसे लोगों की आवश्यकता नहीं है, जो चुनाव के समय व्यापार के परम्पराओं को लेकर चिंता जताते हैं, लेकिन चुनाव से पहले वे अनुचित व्यापार परम्पराओं का लाभ लेते हैं।

विज्ञापन में वर्ष 2009 के अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार आयोग संघीय पंजीकरण नोटिस का जिक्र करते हुए कहा गया है कि चीनी टायर की अधिक संख्या के कारण जब हजारों अमेरिकी नागरिकों की नौकरी पर खतरा आया तो राष्ट्रपति ओबामा सामने आए और उन्होने अमेरिकी कामगारों को बचाया।

विज्ञापन में मीडिया रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि ओबामा ने जब अमेरिकी नागरिकों की नौकरियां बचाने के लिए चीन निर्मित टायरों पर अधिक शुल्क लगाए तो रोमनी ने कहा था कि 'चीन के खिलाफ इस तरह का रुख राष्ट्र तथा हमारे कामगारों के लिए ठीक नहीं है।

First published: September 18, 2012
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