गैर मुल्‍कों से अपने वतन पैसे भेेजने में भारतीय हैं अव्‍वल


Updated: June 19, 2017, 11:18 AM IST
गैर मुल्‍कों से अपने वतन पैसे भेेजने में भारतीय हैं अव्‍वल
UN की वन फैमिली एट ए टाइम नाम से हुई इस स्टडी के मुताबिक पैसे घर भेजने के मामले में भारत पहले नंबर पर है. साल 2016 के दौरान भारतीयों ने करीब 62.7 अरब डॉलर वापस घर भेजे.

Updated: June 19, 2017, 11:18 AM IST
लाखों भारतीय दुनिया के अलग-अलग मुल्कों में काम कर रहे हैं. इनमें कुछ अप्रवासी और कुछ भारतीय मूल के हैं. UN की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज़्यादा भारतीय लोग अपने मुल्क पैसा भेजते हैं. वन फैमिली एट ए टाइम नाम से हुई इस स्टडी के मुताबिक पैसे घर भेजने के मामले में भारत पहले नंबर पर है. साल 2016 के दौरान भारतीयों ने करीब 62.7 अरब डॉलर वापस घर भेजे.

पढ़िए भारत के अलावा दुनिया में ऐसे और कौन से मुल्क हैं, जो वापस पैसे भेजने में सबसे आगे हैं.



दुनियाभर में 20 करोड़ अप्रवासी कामगार

UN इंटरनेशनल फंड फॉर एग्रीकल्चर की रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में 20 करोड़ कामगार अप्रवासी हैं जिन्होंने अपने परिवार को 445 अरब डॉलर से ज़्यादा की रकम भेजी. साल 2015 की तुलना में बीते साल 2016 में कुल भेजी गई रकम में 4.2% का इज़ाफा हुआ. जो 296 अरब डॉलर से बढ़कर 445 अरब डॉलर हो गई.

देश जहां से सबसे ज़्यादा रकम भेजी गई
सबसे ज़्यादा पैसा पाने वाले मुल्कों में अगर भारत, चीन और फिलीपींस जैसे देश शुमार हैं तो भेजने वाले मुल्कों में यूरोपियन यूनियन, खाड़ी देश, हांगकांग जापान, संघीय रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं. अप्रवासी कामगारों ने साल 2016 में 6000 मिलियन डॉलर जापान, 3600 मिलियन डॉलर अमेरिका, 3000 मिलियन डॉलर यूरोपियन यूनियन, 2500 मिलियन डॉलर रकम हांगकांग से भेजी.



महाद्वीपों में एशिया-पैसेफिक सबसे आगे
अगर भेजे गए पैसों की तुलना महाद्वीपों के आधार पर करें तो इसमें सबसे आगे एशिया पैसेफिक नज़र आता है. एशिया पैसेफिक से करीब 7.71 करोड़ अप्रवासी बाकी मुल्कों में काम करते हैं. अगर पैसों की बात करें तो कुल रकम 243.6 अरब डॉलर होगी. एशिया के बाद दूसरे नंबर पर अफ्रीका महाद्वीप आता है. रिपोर्ट के मुताबिक 3.3 करोड़ अफ्रीकी अप्रवासी कामगार दुनिया के बाकी मुल्कों में हैं. इन्होंने साल 2016 में 60.5 अरब डॉलर की राशि अपने मुल्कों में भेजी.

भारत भेजी रकम से क्या-क्या संभव है?
प्रवासियों ने साल 2016 में अपने घर करीब 62.7 अरब डॉलर भेजे. अगर इसकी तुलना हम बाकी होने वाले विकास कार्यों से करेंगे तो चौंकाने वाले नतीज़े सामने आते हैं. भारत आई कुल 62.7 अरब डॉलर की रकम फिज़ी, सूरीनाम, मालदीव और सोमालिया जैसे कई मुल्कों की GDP से ज़्यादा है. इतनी रकम से 14 बार मार्स मिशन (MOM) भेजा जा सकता है.

असम में बने सबसे लंबे धौला-सदिया जैसे 3 पुल इस रकम से हर साल बनाए जा सकते हैं. इतनी रकम से 5 AIIMs भारत में खोले जा सकते हैं. अगर सड़क की बात करें तो एक साल में 6.27 लाख किमी लंबी सड़क बनाई जा सकती है.
First published: June 19, 2017
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