कंसास की घटना को एक अकेली घटना के तौर पर देखा जाए: जयशंकर

भाषा
Updated: March 4, 2017, 6:29 PM IST
कंसास की घटना को एक अकेली घटना के तौर पर देखा जाए: जयशंकर
कंसास में एक भारतीय की गोली मारकर हत्या किए जाने पर विदेश सचिव एस जयशंकर ने कहा कि कंसास में हुई गोलीबारी की घटना को अपनी तरह की एक अकेली घटना के तौर पर देखा जाना चाहिए.
भाषा
Updated: March 4, 2017, 6:29 PM IST

कंसास में एक भारतीय की गोली मारकर हत्या किए जाने पर विदेश सचिव एस जयशंकर ने कहा कि कंसास में हुई गोलीबारी की घटना को अपनी तरह की एक अकेली घटना के तौर पर देखा जाना चाहिए और अमेरिका समाज इस तरह के कृत्यों के पूरी तरह खिलाफ है.

कंसास में पिछले हफ्ते भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचिभोटला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जिसे घृणा अपराध का मामला माना जा रहा है. अमेरिका के दौर पर गए जयशंकर और वाणिज्य सचिव रीटा तेवतिया ने ट्रंप प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों और कांग्रेस के नेताओं के साथ मुलाकात की.

विदेश सचिव ने कहा कि कंसास की दुखद घटना उनकी कई चर्चाओं में शामिल रही. उन्होंने कहा कि हमें बेहद उच्च स्तर, कैबिनेट स्तर से बताया गया कि हमें इसे एक अकेली घटना के तौर पर देखना चाहिए.

दूसरी बात कि अमेरिकी न्याय तंत्र अपना काम कर रहा है, वह गुनहगारों को दंडित कर सकता है. इस मामले को घृणा अपराध के तौर पर देखा जा रहा है. जयशंकर ने कहा कि हमने पिछले कुछ दिनों में देखा है कि चाहें वह व्हाइट हाउस का बयान हो, या राष्ट्रपति के संबोधन में घटना का संदर्भ या फिर हमसे मिलने के बाद अध्यक्ष ने जो कुछ कहा, लगभग वे सभी लोग जिनसे हम मिले.

यहां तक कि वे लोग भी जिनकी इससे निपटने की सीधी जिम्मेदारी नहीं है, हमने गहरा दुख, अफसोस और वह भावना देखी कि हमें इसे एक अकेली घटना के तौर पर देखना चाहिए, और अमेरिकी व्यवस्था और अमेरिकी समाज इसके पूरी तरह खिलाफ है. जयशंकर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष पॉल रायन से मिले थे.

उन्होंने अपने पुराने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि 1990 में विदेश मंत्रालय में करियर के शुरआती दिनों में उन्होंने देखा कि उनके सहकर्मी ने गलती से भारत के साथ व्यापार 20 अरब डॉलर दर्ज कर दिया था जबकि उस वक्त यह मुश्किल से दो अरब डॉलर था. उन्होंने कहा कि उस वक्त मैंने सोचा था कि अपने जीवन में मैं यह होता कभी नहीं देख पाउंगीं लेकिन पिछले साल द्विपक्षीय व्यापार 70 अरब डॉलर को पार कर गया.

जयशंकर ने बीजिंग में 22 फरवरी को उन्नत सामरिक वार्ता की सह अध्यक्षता की, जिसमें एनएसजी और मसूद अजहर पर मतभेद सहित द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं पर विचार किया गया. चीन ने तिब्बती धर्मगुर दलाई लामा को अरणाचल प्रदेश की यात्रा की अनुमित देने पर कल चिंता जताई थी.

First published: March 4, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर